मेघालय सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और रिकॉर्ड तोड़ बारिश से प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास की व्यवस्था के लिए 300 करोड़ रुपये का वित्तीय पैकेज मांगा है।


यह भी पढ़ें- उपचुनाव प्रचार के लिए असम मुख्यमंत्री हिमंता पहुंचे त्रिपुरा, पदयात्रा कर भाजपा के लिए मांगे वोट

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि "बारिश अभूतपूर्व रही है और कुछ क्षेत्रों में इसने पिछले 40 वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह असली भारी बारिश है, जिसकी उम्मीद नहीं थी। बारिश में ग्रामीण इलाकों की प्रमुख सड़कें, हाईवे और अहम सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जहां तक ​​नुकसान की बात है तो इसका बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है और वित्तीय प्रभाव बहुत अधिक होगा। राज्य भर में पशुधन को नुकसान, कृषि गतिविधियों सहित लोगों की आजीविका के लिए भी बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है।”

यह भी पढ़ें- By-Election violance: TMC उम्मीदवार पन्ना देब और उनके ड्राइवर पर भाजपा गुंडों ने किया हमला, मचा बवाल


संगमा ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को राज्य की स्थिति से अवगत करा दिया गया है, उन्होंने कहा कि “हमने नुकसान का आकलन करने के लिए कदम उठाए हैं लेकिन इसमें समय लगेगा। केंद्र नुकसान का आकलन करने के लिए एक टीम भेजेगा।


इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री लखमेन रिंबुई, पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों और एनएचएआई और जिला अधिकारियों के साथ पूर्वी जयंतिया हिल्स के लुमशनोंग में राष्ट्रीय राजमार्ग 6 के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग -6 में कई बार भूस्खलन हुआ है और सड़क कई स्थानों पर धंस गई है जिससे जयंतिया हिल्स और पड़ोसी राज्यों असम, मिजोरम और त्रिपुरा के बीच संचार बाधित हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मौसम को ध्यान में रखते हुए सड़क संपर्क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य बाधित हुआ है लेकिन सरकार और प्रशासन सड़क संचार बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।