मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि सरकार ने पिछले साल दिसंबर में किसानों से जो वादा किया था उसे अभी तक पूरा नहीं किया है। MSP यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइज की वकालत करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि सरकार को एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए। यही नहीं, सत्यपाल मलिक ने ये भी कहा कि किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर अपना धरना खत्म किया है लेकिन उनका आंदोलन अब भी जारी है। सत्यपाल मलिक किसान आंदोलन के समय भी सरकार के खिलाफ जाकर उनके पक्ष में बोलते रहे हैं।


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मलिक ने कहा कि सरकार ने किसानों से जो वादा किया था उसे अभी तक पूरा नहीं किया है। सरकार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एमएसपी पर कानून लाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों ने सिर्फ अपना धरना खत्म किया है लेकिन उनका आंदोलन अब भी जारी है। गौरतलब है कि नवंबर 2020 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसानों ने दिल्ली के बार्डरों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। एक साल से ज्यादा चले धरना प्रदर्शन के बाद आखिरकार पीएम नरेंद्र मोदी को तीनों कानून वापस लेना पड़ा था, तब कहीं जाकर किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म किया था।

उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन में शामिल किसानों की मांग थी कि तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं और MSP पर कानून बनाया जाए। इसके अलावा किसानों की मांग थी कि उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाएं और धरना प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। पिछले साल 9 दिसंबर को सरकार ने तीनों कानून रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा था कि वो किसानों की बाकी मांगों पर विचार करेगी। इसके बाद किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया था।

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इसके अलावा राज्यपाल ने देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश का युवा बिना नौकरी के सड़कों पर मारा-मारा फिर रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरी मुद्दों को छोड़कर देश में गैर जरूरी मुद्दों पर चर्चा हो रही है। यूपी में बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर सत्यपाल मलिक ने कहा कि बिना समय दिए गरीब लोगों के घर गिराना सही नहीं है।