मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक आज रिटायर हो रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले ही सत्यपाल मलिक ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वो पीएम मोदी पर किसी न किसी तरह के आरोप और हमले करते आ रहे हैं। अगले तीन अक्टूबर को शामली में होने वाले किसान सम्मेलन में वो राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ मंच साझा करेंगे। 

सूत्रों की मानें तो सत्यपाल मलिक राज्यपाल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में शामिल हो सकते हैं। सत्यपाल मलिक 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने की मंशा रखते हैं। उनकी निगाहें जाटलैंड के शामली जिले की कैराना लोकसभा सीट पर है जो कि मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी के पास है। अगले 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन अलीगढ़ में सत्यपाल मलिक एक किसान सम्मेलन में शिरकत करेंगे। राज्यपाल बनने से पहले तक सत्यपाल मलिक बीजेपी में रहे, लेकिन चुनाव नहीं लड़ाए जाने की वजह से वो लगातार बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।   

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बीते महीने यानी अगस्त में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर सत्यपाल मलिक ने बीजेपी को घेरा। हरियाणा के नूंह में उन्होंने कहा कि MSP इसलिए लागू नहीं होगी क्योंकि प्रधानमंत्री का एक दोस्त है अडानी, जो एशिया का सबसे मालदार आदमी बन गया है पांच साल में।' मलिक ने देश को बेचे जाने का आरोप भी सरकार पर लगाया है। 

सत्यपाल मलिक ने यह भी कहा, 'एमएसपी जब तक लागू ना हो और उसको कानूनी दर्जा ना मिले, तो दोबारा लड़ाई होगी और इस बार जबरदस्त लड़ाई होगी। देश के किसान को आप पराजित नहीं कर सकते है। उसे डरा नहीं सकते, उसके यहां ईडी नहीं भेज सकते, किसी इनकम टैक्स वाले को नहीं भेज सकते। उसको काहे से डराओगे। वो तो पहले से फकीर है। उसको तो वैसे ही कहीं का नहीं छोड़ा। इसलिए वो लड़ेगा और एमएसपी लेके रहेगा।'  

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मलिक ने यह भी कहा, 'अडानी ने पानीपत में बहुत बड़ा गोदाम बनाया है। जिसमें सस्ता गेहूं लेकर भर दिया है। जब महंगाई होगी तब वो इस गेहूं को निकालेगा। प्रधानमंत्री के दोस्त मुनाफा कमाएंगे और किसान बर्बाद होगा। यह चीज बर्दास्त नहीं की जाएगी इसके खिलाफ लड़ाई होगी। अभी जो मेरी पोजीशन है, उसे छोड़ने के बाद मैं किसानों की लड़ाई में पूरी तरह से कूद पडूंगा। पूरी तरह से उसमें हिस्सेदारी करूंगा। सभी लोग मिलकर लड़ना सीखो। जिसका फायदा सभी को मिलेगा।'