मेघालय में बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यहां की सरकार ने एक बैठक के दौरान बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, राज्य सरकार ने कोरोना से संक्रमित हो जाने वाले छात्रों को बाद की तारीख में बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्णय लिया है, बशर्ते उन्हें अपनी कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट को प्रमाण के रूप में पेश करना होगा।

बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के लिए मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (एमबीओएसई) की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को शिक्षा मंत्री लाहमेन रिंबुई द्वारा बुलाई गई बैठक में यह निर्णय लिया गया। 

बता दें, लगभग एक लाख छात्र अपने हायर सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एचएसएसएलसी) और सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएसएलसी) परीक्षाओं के लिए उपस्थित होने के लिए तैयार हैं, जो क्रमशः 16 अप्रैल और 19 अप्रैल से शुरू होने जा रहे हैं।

एसएसएलसी परीक्षा के लिए कुल 65 हजार 787 छात्र उपस्थित होंगे जबकि 32 हजार 506 छात्र राज्य के ग्यारह जिलों में फैले विभिन्न केंद्रों में एचएसएसएलसी परीक्षा के लिए उपस्थित होंगे। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए रिंबुई ने कहा, ‘हमने फैसला किया है कि कोई भी परीक्षा देने वाला विद्यार्थी अगर कोरोना संक्रमित हो गया, तो वह अपनी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखाकर बाद की तारीख में परीक्षा में बैठ सकता है।

उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की संख्या को ध्यान में रखते हुए  यह फैसला लिया गया है। रिंबुई ने यह भी बताया कि परीक्षा के दौरान कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कुछ उचित प्रोटोकॉल पहले से ही जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के सभी प्रभारियों के साथ साझा कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, ‘एमबीओएसई ने परीक्षा केंद्रों के प्रभारी को निर्देश दिया है कि परीक्षा के संचालन के लिए सिर्फ दो-तीन परीक्षा हॉल के बजाय चार-छह हॉल की व्यवस्था करें। इसके अलावा कम से कम एक या दो (स्टैंडबाय) हॉल की व्यवस्था भी करने को भी कहा गया है ताकि किसी परीक्षार्थी में कोरोना का पता चलते ही तत्काल हॉल को सील किया जा सके और हम अगले दिन एक और हॉल (जिसे स्टैंडबाय पर रखा गया है) का उपयोग कर सकें।’

इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए आशा व्यक्त करते हुए छात्रों से आग्रह किया कि यदि कोई छात्र-छात्रा खुद को कोविड-19 से संक्रमित पाते हैं तो घबराएं नहीं। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि छात्र बिना किसी बाधा के अपनी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मैं बहुत आशान्वित हूं कि हम आगे बढ़ेंगे और कोई अप्रिय घटना नहीं होगी।'