मेघालय मंत्रिमंडल ने पेट्रोल और डीजल के लिये कर की दरों को इस महीने दो बार संशोधित करने के सरकार के फैसले को बुधवार को नियमित कर दिया, जिससे ईंधन के दामों में सात रुपये प्रति लीटर से भी ज्यादा की कमी आई है। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने यह जानकारी दी।

कर की दर को पहली बार पिछले हफ्ते संशोधित किया गया था जिससे पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य में दो रुपये प्रति लीटर की कमी आई थी। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को फिर दो पेट्रोलियम उत्पादों पर मूल्य संवर्धित कर (वीएटी) कम किया जिससे इसके दाम में पांच रुपये से भी ज्यादा की कमी आई।

संगमा ने संवाददाताओं को बताया, “पूर्व में हमनें इसे दो रुपये के लिये किया था और कल हमनें पेट्रोल व डीजल के लिये नई कर दरों को फिर से संशोधित किया। दोनों ही फैसलों को मंत्रिमंडल द्वारा नियमित कर दिया गया।” मंत्रिमंडल की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि जनजातीय खनन पट्टाधारकों को अदालत के आदेश की तर्ज पर 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी न कि 50 प्रतिशत।

संगमा ने कहा, “एक अदालती आदेश के तहत खनन पट्टाधारकों को 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। पहले ऐसा समझा गया था कि खनन पट्टा में अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों को सिर्फ 50 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी देने की जरूरत है।” मुख्यमंत्री ने सभी खनन पट्टाधारकों को आगामी 31 मार्च तक बकाया 50 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी का भुगतान करने को कहा है।