दशकों से चले आ रहे असम-मेघालय सीमा विवाद (Assam-Meghalaya border dispute) को समाप्त करने के लिए दोनों  राज्यों ने शांति वार्ता से हल करने को सहमत हुए हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa) ने कहा, "असम-मेघालय सीमा विवाद को हल करने के हमारे प्रयासों ने फल देना शुरू कर दिया है क्योंकि पहले चरण में मतभेद के 12 क्षेत्रों में से 6 क्षेत्र हाहिम, गिज़ांग, ताराबारी, बोकलापारा, खानापारा-पिलिंगकाटा और रातचेरा की पहचान की गई है।"


दूसरी ओर मेघालय मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा (Conrad Sangma) की कैबिनेट ने मेघालय-असम सीमा (Meghalaya-Assam border) मुद्दे को हल करने की प्रक्रिया के रूप में सभी 3 क्षेत्रीय समितियों की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। दोनों राज्यों की सिफारिशें गृह मंत्रालय को सौंपी जाएंगी।



कॉनराड (Conrad) ने कहा बताया है कि "कैबिनेट ने मेघालय-असम सीमा मुद्दे को हल करने की प्रक्रिया के रूप में सभी 3 क्षेत्रीय समितियों की सिफारिशों को मंजूरी दी है। दोनों राज्यों की सिफारिशें गृह मंत्रालय को सौंपी जाएंगी और आगे की कार्रवाही के लिए गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से वार्ता की जाएगी "।

सीएम सरमा (Himanta  Sarma) ने आगे कहा कि "दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ तीन क्षेत्रीय समितियों की सिफारिशों के आधार पर सौहार्दपूर्ण समाधान का रोडमैप तैयार किया गया है। पड़ोसी राज्य मेघालय के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर असम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। मेघालय के साथ सीमा विवाद वार्ता के घटनाक्रम पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी दी  "।