मेघालय की विधानसभा में एमडीए और कांग्रेस आमने सामने हुई है। जिसमें NPP के नेतृत्व वाली मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (MDA) सरकार ने राज्य विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनिमत से हरा दिया है। अध्यक्ष, मेतबाह लिंगदोह ने लगभग साढ़े सात घंटे तक चली चर्चा के बाद वॉयस वोट के लिए अविश्वास प्रस्ताव रखा, जहां विपक्ष और सत्तारूढ़ MDA दोनों के विधायकों ने सदन में चर्चा में भाग लिया।


कांग्रेस के विधायकों ने विभिन्न कमियों और MDA सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल होने का आरोप लगाया लेकिन सत्ता पक्ष में विधायकों ने सरकार का बचाव किया। सत्तारूढ़ दलों के विधायकों ने मुख्यमंत्री, कॉनराड के संगमा के नेतृत्व वाली वर्तमान MDA सरकार की कई पहलों के बारे में विस्तृत से बताया। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में मुकुल संगमा ने आरोप लगाया कि MDA सरकार राज्य के नाम और प्रसिद्धि को कम करने के लिए जिम्मेदार थी।


इसी के साथ मुकुल संगमा ने जिसने कोयला परिवहन सहित विभिन्न अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए गनोल हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए राशि में वृद्धि की अनुमति दी। मुख्यमंत्री संगमा ने भी चर्चा का जवाब दिया और विपक्ष के आरोपों का खंडन किया, यहां तक कि उन्होंने प्रदर्शनों के साथ-साथ पिछली कांग्रेस नीत सरकार और वर्तमान MDA सरकार के कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति की तुलना भी की। लेकिन मकुल ने कहा कि पूरा विपक्ष इसे वापस नहीं लेने के निर्णय में सामूहिक था क्योंकि सरकार द्वारा लगाए गए विभिन्न आरोपों पर सफाई देने के लिए तैयार नहीं थी।