बिहार विधानसभा चुनाव सहित मध्य प्रदेश के उपचुनावों में बेहतरीन सफलता हासिल करने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अब 2024 आम चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत वह देशभर में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए 100 दिवसीय देशव्यापी दौरा करेंगे। इस दौरान वह सभी जगहों पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर वहां की राजनीतिक स्थिति का जायजा लेंगे और चुनाव की योजना तैयार करेंगे।

जेपी नड्डा जल्द ही देशभर में 100 दिवसीय राष्ट्रीय विस्तृत प्रवास पर रवाना होंगे। उन्होंने 2024 के आम चुनावों की रणनीति तैयार करने के लिए एक राज्य में अपने प्रवास के दिनों को विभाजित किया है। इसका प्रमुख उद्देश्य उन क्षेत्रों में जीत की रणनीति तैयार करना है, जहां पार्टी को 2019 आम चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा अध्यक्ष की यात्रा का यही प्रमुख उद्देश्य है।

बिहार चुनाव में जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रशंसा पाने वाले नड्डा अपने 100 दिवसीय राष्ट्रीय विस्तृत प्रवास के दौरान संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह क्षेत्र में नए संभावित गठबंधन पर चर्चा करने के साथ भाजपा शासित राज्यों में सरकार की छवि सुधारने और विभिन्न प्रभावशाली समूहों से वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी के विचारधारा को भी पूरी तरह से स्पष्ट करेंगे।

नड्डा ने 100 दिवसीय राष्ट्रीय विस्तृत प्रवास के लिए राज्यों को A, B, C और D चार श्रेणियों में विभाजित किया है। A श्रेणी में भाजपा शासित और नागालैंड, बिहार, कर्नाटक, त्रिपुरा आदि राज्यों को रखा गया है। इसी तरह B श्रेणी में उन राज्यों को शामिल किया है, जहां भाजपा सत्ता में नहीं है। इनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब और ओडिशा शामिल है। इसी तरह C श्रेणी में लक्षद्वीप, मेघालय और मिजोरम को रखा गया है।

अपने 100 दिवसीय राष्ट्रीय विस्तृत प्रवास के दौरान नड्डा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा आठ दिन ठहराव करेंगे। इसी तहर A और B श्रेणी के राज्यों में तीन दिन और C श्रेणी के राज्यों में दो दिन रुकेंगे। श्रेणी D के राज्यों में एक दिन के ठहराव की संभावना है। नड्डा के श्रेणी B और C के राज्यों पर विशेष फोकस रहेगा और वहां पार्टी के प्रति लोगों की घटी रुचि को फिर से हासिल करने की योजना तैयार करेंगे।

नड्डा ने प्रवास कार्यक्रम के दौरान राज्यों में कोरोना महामारी के सभी उपायों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी बैठकों में 200 से अधिक लोगों को नहीं बुलाया जाएगा। इसके अलावा बैठक में आने वालों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश देने के साथ हैंड सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह प्रत्येक बैठक से पहले आयोजन स्थल को सैनिटाइज किया जाएगा और स्वागत समारोह कार्यक्रम नहीं होगा।