लद्दाख में कारगिल जिले के पांच गांवों में कमाल हो गया है। माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तापमान में जीवन जीने वाले इन गांवों के 103 घरों को सौर ऊर्जा से रोशन कर दिया गया है। ये पांचों गांव कारगिल के ऊम्बा क्षेत्र के हैं। ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन (जीएचई) के इंजीनियरों ने अथक प्रयासों से इन गांवों में सौर ऊर्जा के उपकरण स्थापित कर दिए हैं। 

जीएचई हिमालयी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उपलब्ध करा रहा है। यह अहम संस्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रहा है। लद्दाख की महिला गुरमट अगमो भी इस संस्था के साथ जुड़ी है। वह लद्दाख और मेघालय के पचास गांवों में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली पहुंचाने के अभियान में शामिल हो चुकी हैं। जीएचई ने मेघालय की गारो पहाड़ियों में सौर ऊर्जा से संचालित पहला हेल्थ सेंटर स्थापित किया था। इसका फायदा प्रदेश के दूरदराज के 83 इलाकों को मिला था। इस मेडिकल सेंटर में चौबीस घंटे बिजली की व्यवस्था है। इससे कई इलाकों को लगातार फायदा मिल रहा है। जितेंद्र सिंह ने इंजीनियरों की सराहना की ह

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट कर ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन के इंजीनियरों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जितेंद्र सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार भी लद्दाख में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर बिजली की कमी को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।