मेघालय में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) शिलॉन्ग के सहायक प्रोफेसर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि डॉ. अरिंदम मुखोपाध्याय (34) पश्चिम बंगाल के बुर्नपुर के रहने वाले थे। वर्ष 2015 में उन्होंने आईआईएम-शिलांग में नौकरी शुरू की और किराये के मकान में अकेले रहते थे। 

पुलिस ने बताया कि मुखोपाध्याय ने कथित तौर पर अपनी जीवन लीला खत्म करने के लिए अपनी बड़ी बहन को मैसेज भेजा था। मैसेज मिलने के बाद उनकी बहन ने इसी मैसेज को उसके भाई की मकान मालकिन को भेजा, जिसने पुलिस को इसकी जानकारी दी। शिलांग सिटी पुलिस अधीक्षक विक्रम डी मारक ने कहा, पुलिस टीम घर पर पहुंची लेकिन कमरा अंदर से बंद था। उन्होंने कमरे के दरवाजे तोड़े और शिक्षक को फांसी के फंदे से लटका पाया। 

प्राथमिक जांच से हालांकि पता चलता है कि यह मामला आत्महत्या का है लेकिन पुलिस ने कहा कि प्रोफेसर की मौत के वास्तविक कारण पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस बीच शव को पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। इस दौरान शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पीड़ित के अभिभावक शिलांग पहुंच गये हैं।