उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहन कर तस्कर गिरोह से जुगलबंदी करने लोग सिलीगुड़ी पहुंचे। लेकिन सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस की मुस्तैदी ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। प्रधान नगर थाना पुलिस फर्जी दारोगा सहित उत्तर प्रदेश के तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले की छानबीन में जुटी है। प्रधान नगर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शराब तस्कर गिरोह के साथ जुगलबंदी के उद्देश्य से तीनों उत्तर प्रदेश से सिलीगुड़ी पहुंचे थे। बल्कि ये तीनों मेघालय तक जाने वाले थे।

कोरोना की वजह से देश के कई राज्यों में लाकडाउन है। वैसे भी सौ पचास अधिक देने से यदि शराब की बोतल घर पहुंच जाए तो दुकान पर जाकर कोरोना संक्रमण का खतरा मोल लेने की जहमत कौन उठाना चाहेगा। इसके अतिरिक्त बिहार में तो पहले से ही शराबबंदी है। ऐसे समय मे शराब व अन्य मादक पदार्थो की तस्करी काफी बढ़ी है। बल्कि सिलीगुड़ी के रास्ते मेघालय और शिलाग से तस्करों का नेटवर्क बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी कर रहा है। रोजाना कई ट्रक बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया जा रहा है। जिसमे से कई ट्रक प्रधान नगर और न्यू जलपाईगुड़ी समेत बिहार पुलिस ने भी जब्त किया है। 

मेघालय में शराब की कीमत काफी कम है। अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से ही मेघायल से शराब बिहार और उत्तर प्रदेश में तस्करी की जाती है। इसी शराब माफिया से जुगलबंदी करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहन तीन लोग सिलीगुड़ी तक पहुंचे थे। पुलिस की वर्दी धारण करने का सिर्फ एक ही मकसद नहीं था। बल्कि उत्तर प्रदेश से मेघालय के बीच कई टोल नाके और कई राज्यों की चेकिंग नाके पर तैनात पुलिस की आखों में धूल झोंकने का इरादा था। उत्तर प्रदेश से सिलीगुड़ी तक आने में उनका यह इरादा कामयाब भी हुआ। उत्तर प्रदेश से सिलीगुड़ी तक आने में ना ही टोल टैक्स देना पड़ा और ना ही नाके पर चेकिंग से गुजरना पड़ा। ऐसे भी खाकी वर्दी की चमक और एक सम्मान तो है ही। लेकिन प्रधान नगर थाना पुलिस ने वर्दी पहने धोखेबाज को पहचान लिया।

यहां बताते चलें कि बीते शुक्रवार की सुबह प्रधान नगर थाना पुलिस ने सालबाड़ी नाके से यूपी नंबर की एक इनोवा कार और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों में से एक हरी ओम पाडे उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहने हुए था। अन्य दो सरताज अली और मोहम्मद मेहताब साधारण वेश में ही थे। सालबाड़ी नाके पर जब प्रधान नगर थाने की पुलिस ने इन्हें रोका तो हरिओम पाडे ने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का दारोगा बताया। इनकी गाड़ी की हालत और पुलिस के पहचान पत्र आदि कागजात दिखाने में आनाकानी से पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया। अदालत ने पूछताछ के लिए आरोपितों को पाच दिन की रिमाड पर प्रधान नगर थाना पुलिस को सौंपा। पूछताछ में सामने आए तथ्यों से पुलिस दंग है।