भारत समेत दुनियाभर के तमाम देश कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट के कोरोना फ्री राज्य मेघालय में भी इसके मरीज मिलने लगे हैं। इन संक्रमितों को गारो हिल्स स्थित क्वॉरंटाइन सेंटर में रखा गया था। हालांकि, सोमवार को बादल फटने और क्षेत्र में बाढ़ आने के बाद सेंटर में पानी भरने लगा, जिसके बाद आनन-फानन में संक्रमितों को ऊंची जगह पर बनी दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट होना पड़ा।


बादल फटने से रक्समगेरे बाजार समेत वेस्ट गारो हिल्स के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है। रक्समगेरे के एक स्कूल में कोरोना संक्रमितों के लिए क्वॉरंटाइन सेंटर बनाया गया था, जहां पानी भरने से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कराया गया है।


बताया जा रहा है कि वेस्ट गारो हिल्स के उत्तरी मैदानों में रक्सामग्रे और तिक्रीकिल्ला क्षेत्रों में बादल फटने के बाद 11 गांवों के 1,400 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। रविवार से आए बाढ़ ने कई गांवों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पानी के तेज बहाव से सड़कें धंस गई हैं और पुल टूट गए हैं।


मौसम के इस मिजाज ने निदांपुर, तिक्रीकिल्ला और रक्सामग्रे क्षेत्रों के 1,400 से अधिक लोगों को उच्च भूमि पर शरण लेने के लिए मजबूर किया है। सरकार ने ऐसे लोगों के लिए 11 रिलीफ कैंप बनाए हैं, जहां उनके खाने-पीने का इंतजाम किया जा रहा है।