मेघालय के गृहमंत्री लहकमेन रिंबुई ने HNLC के पूर्व नेता चेरिस्टरफील्ड थांगख्यू की हत्या के खिलाफ शिलांग में हिंसक विरोध के बीच कथित तौर पर अपना इस्तीफा दे दिया। गृह मंत्री रिंबुई ने मुख्यमंत्री कोनराड संगमा को अपना त्याग पत्र भेजा है। अब सवाल ये है कि शिलांग में हुए हिंसा के हालातों को नियंत्रण करने के बजाए गृहमंत्री अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं।


इस्तिफे पत्र में रिंबुई ने कहा है कि "उपरोक्त विषय के संदर्भ में, मैं एतद्द्वारा उस घटना पर स्तब्ध हूं जहां (HNLC) चेस्टरफील्ड थांगख्यू को उनके आवास पर पुलिस की छापेमारी के बाद वैध सिद्धांतों से अधिक मार दिया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेरा आपसे अनुरोध है कि गृह (पुलिस) विभाग को मुझसे तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाए "।
 रिंबूई ने गुजारिश की है कि “इससे घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार द्वारा की गई स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की सुविधा होगी। मैं न्यायिक जांच कराने का प्रस्ताव करता हूं।' आत्मसमर्पण करने वाले एचएनएलसी महासचिव की हत्या के मामले में तोड़फोड़ और आगजनी के बीच रविवार को मेघालय के चार जिलों में शिलांग में कर्फ्यू लगा दिया गया और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं।
जानकारी के लिए बता दें कि शिलांग में रविवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया था। पूर्वी खासी हिल्स, वेस्ट खासी हिल्स, साउथ वेस्ट खासी हिल्स और रिभोई जिलों में शाम छह बजे से 48 घंटे तक मोबाइल इंटरनेट बंद रहा। उनके पार्थिव शरीर को कब्रिस्तान ले जाते समय थांगखिव के सैकड़ों समर्थकों ने काले झंडे लहराए। शिलांग के जाआव इलाके में कथित तौर पर उनके समर्थकों ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और एक पुलिस वाहन में आग लगा दी।