मेघालय के कृषि और किसान कल्याण मंत्री ( Farmers' Welfare Minister), बंटीडोर लिंगदोह (Banteidor Lyngdoh) ने राज्य जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला, अपर शिलांग में आयोजित एक समारोह में 'जैव-उर्वरक उत्पादन इकाई' का उद्घाटन किया है।

इस अवसर पर बोलते हुए लिंगदोह (Banteidor Lyngdoh) ने राज्य के किसानों के लिए इस सपने को साकार करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी है। उन्होंने यह कहा कि यह मेघालय राज्य और कृषि और किसान कल्याण विभाग के लिए एक मील का पत्थर है और यह मेघालय को एक जैविक राज्य बनाने की दिशा में भी एक कदम आगे है।


मेघालय किसान अधिकारिता आयोग के अध्यक्ष के एन कुमार (K N Kumar) ने कहा कि "मेघालय में प्रति वर्ष उर्वरकों की आवश्यकता 22,000 मीट्रिक टन है, जबकि राज्य में वर्तमान उत्पादन प्रति वर्ष मात्र 150 मीट्रिक टन है।"

उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में और निजी क्षेत्रों (उद्यमियों) की भागीदारी के साथ, राज्य में लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए और अधिक उत्पादन इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं।