पूर्वोत्तर भारत के मेघालय राज्य में हालात बहुत ही खतरनाक हो गए हैं। यहां सिर्फ एक पूर्व उग्रवादी मौत हो जाने पर हिंसा भड़क गई है। बता दें कि उग्रवादी प्रतिबंधित हाइनीट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC) के पूर्व महासचिव चेस्टरफील्ड थांगखिव की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इस मुठभेड़ के बाद से पूरे राज्य में तनाव का मौहाल बन गया है। अब HNLC के पूर्व महसचिव की मौत का बदला लेने के लिए HNLCके कैडर आतंक मचा रहे हैं।
 

सीएम आवास पर बमबारी
मेघालय के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में हाल में हुए सिलसिलेवार धमाकों के संबंध में जब उसके घर पर छापेमारी की गई तब यह मुठभेड़ हुई, जिसमें HNLC के पूर्व महसचिव की मौत हो गई थी। इस मौत को लोग हत्या की संज्ञा दे रहे हैं, जिसके बाद राज्य में तनाव चरम पर हैं। राज्य में जगह-जगह हिंसा की खबरें सामने आ रही है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड सांगमा के आवास तक पर बम फेंका गया है।

HNLC के पूर्व महासचिव ने किया था सरेंडर
राज्य में हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए हैं कि  राज्य गृहमंत्री ने अपने पद से इस्तीफे दे दिया है। गृहमंत्री ने इस मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रतिबंधित हाइनीट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC) के पूर्व महासचिव चेस्टरफील्ड थांगखिव ने 2018 में उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन त्यसोंग के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।


जानकारी मिली है कि पुलिस महानिदेशक आर चंद्रनाथन के मुताबिक पुलिस की एक टीम ने राज्य में हाल में हुए आईईडी हमलों के सिलसिले में मवलाई में थांगखिव के किनटोन मसार आवास पर छापेमारी की। इन्होंने बताया है कि ‘थांगखिव खिलहेरियाट में आईईडी हमले में वांछित था. हमारे पास सबूत थे. पुलिस की एक टीम ने तड़के उसके घर पर छापेमारी की। पुलिस के घर में घुसते ही, उसने एक चाकू लहराया और चार में से एक कॉन्स्टेबल पर हमला किया, जिसने जवाब में गोली चलाई। यहां एक पुलिस आधिकारी घायल हो गया है।

चेस्टरफील्ड थांगखिव
हाइनीट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC) खासी जैंतिया ट्राइबल कम्युनिटी के लिए भारत के दूसरे राज्यों से आने वालों लोगों के खिलाफ लड़ने का दावा करती है। चेस्टरफील्ड थांगखिव एचएनएलसी के संस्थापक सदस्यों में एक था। HNLC के महासचिव कम प्रवक्ता साइनकूपर नोंगट्रा के हवाले से लिखा है कि थांगखिव केंद्रीय एजेंसी और प्रतिबंधित संगठन के बीच बातचीत का जरिया था और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।


नोंगट्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि  “आईबी और एसबी को भेजे गए सारे संदेश थांगखिव से होकर गए थे. हरमन पेकिन्टीन और ट्रेंग सा के साथ HNLC के जिन काडर ने सरेंडर किया था, वे लगातार थांगखिव को धमकी देते थे और दोनों ने पुलिस के साथ मिलकर पूर्व महासचिव की हत्या की साजिश रची थी ’।