वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के तेजी से पांव पसारने पर मेघालय सरकार ने राज्य की वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति ‘‘अच्छी नहीं’’ करार देते हुए शनिवार को लोगों से इस वायरस से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की। राज्य में शनिवार सुबह चार और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान सहित 13 और लोगों की कोरोना परीक्षण रिपोर्ट पॉजिटिव आने से प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 365 हो गयी। 

स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. अमर वार ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। प्रदेश की जनता को कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सतर्क रहने और गंभीरता के साथ एहतियाती उपायों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि इस समय लोगों को बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर विशेषकर भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना होगा। अगर परिवार का एक सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव होता है तो इसका मतलब पूरे परिवार के सदस्य और अन्य कई भी इससे प्रभावित हैं। 

एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए अपने व्यवहार को बदलना एवं एकजुट होना होगा और इसके प्रसार को कैसे रोका जाए इसके लिए प्रशिक्षण लेना होगा। पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य यह समझना है कि इससे बचाव कैसे करें और संक्रमित व्यक्ति का इलाज कैसे करें। डॉ. डार ने दोहराया कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति मानसिक दवाब और सदमे में होता है जो कई वर्षों तक रह सकता है और सभी नागरिकों को पता होना चाहिए कि इस वायरस से कैसे लडें और इसे कैसे हरायें। 

उन्होंने कहा कि इस वायरस के साथ ही जीना और इससे कैसे निपटा जाए, इसे समझना है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया आज सुबह कोरोना से संक्रमित 13 नये मामले समाने आए जिनमें से तीन ईस्ट खासी हिल्स से तीन बीएसएफ के जवान और तीन अन्य हैं। वेस्ट गारो हिल्स में एक बीएसएफ को जवान और दो अन्य संक्रमित पाए गए, री-भोई में तीन लोग और साउथ गारो हिल्स से एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया । पूर्वी खासी पर्वतीय जिले में कोरोना वायरस के सर्वाधिक 313 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 239 बीएसएफ जवान, 14 अन्य सशस्त्र बल के जवान के अलावा 60 नागरिक हैं।