तमिलनाडू के कोयंबटूर में फंसे मेघालय के 42 छात्र-छात्राओं और प्रवासियों ने उस वक्त राहत की सांस ली, जब राज्य सरकार ने उनके गृहराज्य पहुंचने की व्यवस्था की। दरअसल सूदूर मेघालय के कई युवा यहां काम करते हैं। वही यहां के उच्च शिक्षण संस्थानों में भी कई युवा अध्ययनरत है। जिला प्रशासन कोरोना वायरस के खतरे के कारण प्रवासियों को विशेष ट्रेनों से घर वापस भेजने में की व्यवस्था कर रहा है। मेघालय के छात्रों और नागरिकों को ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर कोयम्बत्तूर कलक्ट्रेट कार्यालय बुलाया गया।

यहां से सभी को तीन निजी बसों से चेन्नई भेजा गया है। चेन्नई से वे विशेष ट्रेन से मेघालय जाएंगे।कोयम्बत्तूर में सुबह सभी को अल्पाहार दिया गया। इन सभी की यात्रा का खर्च सरकार उठाएगी। बस में सवार मेघालय की अनुराधा ने बताया कि पहले मेघालय सरकार के पोर्टल पर आवेदन किया था। वहां से अनुमोदन के बाद तमिलनाडु सरकार के पोर्टल पर आवेदन किया। दोनों की से मंजूरी मिलने पर जिला प्रशासन से यात्रा की व्यवस्था करने का आग्रह किया। हमें निजी बसों से चेन्नई भेजा जा रहा है। रास्ते में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। लंबे समय बाद गृहनगर लौटने की खुशी है।