पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में कांग्रेस जीरो के आंकड़े पर पहुंच गई है। जी हां, पिछले विधानसभा चुनाव (2018) में 60 सीटों में से 21 सीटें जीतने वाली सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस का राज्य में अब एक भी विधायक नहीं है।

बता दें कि कांग्रेस को सबसे पहला झटका रानीकोर (Ranikor) सीट से विधायक मार्टिन एम. डांगगो (Martin M. Danggo) ने साल 2018 में ही विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद दिया था। वे मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की पार्टी एनपीपी में शामिल हो गए थे। उनके शामिल होने के बाद एनपीपी की विधायकों की संख्या 20 हो गई थी। 

पिछले साल कांग्रेस के मावरिंगकेंग सीट से विधायक डेविड ए नोंग्रम (David A Nongrum) का फरवरी, 2021 में दिल का दौरा पड़ने से, राजाबाला सीट से विधायक डॉ. आजाद ज़मान (Dr. Azad Zaman) का मार्च, 2021 में दिल का दौरा पड़ने से और मावफलांग सीट से विधायक सिन्टार क्लास सुन्न (Syntar Klas Sunn) का सितंबर, 2021 में कोरोना की वजह से मौत हो गई थी। इस वजह से ये तीनों सीटें खाली हो गई थी। पिछले साल अक्टूबर में विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को तीनों सीट पर हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद राज्य में कांग्रेस विधायकों की संख्या 17 रह गई थी। 

इसके बाद 24 नवंबर, 2021 को पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के नेतृत्व में कांग्रेस के 12 विधायक कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी की ताकत घटकर पांच हो गई।

वहीं पिछले हफ्ते मेघायल में बड़ा राजनीतिक उल्टफेर हुआ है। कांग्रेस के 5 विधायक बीजेपी के गठबंधन वाले मेघालय जनतांत्रिक गठबंधन (MDA) में शामिल हो गए हैं। MDA राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार है। कांग्रेस छोड़कर पार्टी में आए पांच विधायकों में सीएलपी नेता अंपारीन लिंगदोह, मायरलबोर्न सिएम, मोहेंड्रो रापसांग, किम्फा मारबानियांग और पीटी सॉकमी शामिल हैं।

अब कांग्रेस ने पांचों विधायक पर कार्रवाई करते हुए सभी पांचों विधायकों को निलंबित करने के राज्य इकाई के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस के मेघालय अध्यक्ष विंसेंट एच. पाला (Congress Meghalaya President Vincent H. Pala) ने मीडिया को अपनी सिफारिश की स्वीकृति के बारे में सूचित किया। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों की संख्या राज्य में शून्य (ZERO) हो गई।

शिलांग संसदीय क्षेत्र के सांसद पाला ने कहा कि विधायकों से यह बताने के लिए कहा जाएगा कि वे नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली एमडीए सरकार में क्यों शामिल हुए, जिसमें भाजपा गठबंधन की सहयोगी है। उन्होंने कहा कि निलंबन आदेश के साथ, उन्हें 10 दिनों के भीतर उनकी प्रतिक्रिया के लिए कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा कि क्या वे सरकार का हिस्सा बने रहेंगे। पाला ने यह भी कहा कि पार्टी विधायकों के फैसले के सख्त खिलाफ है।

विधायक दल के नेता अम्परिन लिंगदोह के नेतृत्व में पांच विधायकों ने 8 फरवरी को एनपीपी के नेतृत्व वाली एमडीए सरकार में शामिल होने की योजना की घोषणा की थी। मयरलबॉर्न सिएम, मोहेंड्रो रापसांग, पी.टी. सॉक्मी और किम्फा मारबानियांग। मेघालय में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने हैं।