भाजपा ने मेघालय में ‘जनजातीय स्वायत्त परिषद’ को करोड़ों रुपये के विशेष सहायता अनुदान के क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य की नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) नीत सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी। 

भाजपा भी राज्य में सत्तारूढ़ मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा है। भाजपा ने इस अनुदान के क्रियान्वयन में घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई जांच की भी मांग की है। प्रदेश भाजपा प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो स्वायत्त जिला परिषद के तहत आने वाले इलाकों के लिये आवंटित धन का सत्तारूढ़ पार्टी, जो एनपीपी है, ने दुरूपयोग किया है। इन दोनों परिषदों में धड़ल्ले से भ्रष्टाचार हुआ है। 

उन्होंने कहा, हम यह मांग करते हैं कि इन दोनों परिषदों में ऐसी गतिविधियों पर एनपीपी की कार्यकारिणी समिति रोक लगाये, अन्यथा हम गठबंधन से बाहर होने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। प्रदेश भाजपा प्रमुख के मुताबिक, इस कोष के 20 करोड़ रुपये दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए गारो पर्वतीय स्वायत्त जिला परिषद के कर्मचारियों के वेतन के मद में डाल दिये गये।