भाजपा ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 112 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन को पलक्कड़ से उम्मीदवार बनाया है जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सुरेन्द्रन को दो सीटों से मैदान में उतारा है। पार्टी ने एक पूर्व राज्यपाल और एक पूर्व केंद्रीय मंत्री सहित दो वर्तमान सांसदों पर भी भरोसा जताया है। मेघालय के पूर्व राज्यपाल के राजशेखरन को पार्टी ने तिरुवनंतपुरम की नेमोम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में इसी एकमात्र सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल ने यहां माकपा के उम्मीदवार को पराजित किया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के जे अलफोंस को पार्टी ने कांजिरापल्ली से उम्मीदवार बनाया है। वह वर्तमान में राज्यसभा के सदस्य भी हैं। फिल्म अभिनेता व राज्यसभा सदस्य सुरेश गोपी पर भी भाजपा ने इस चुनाव में दांव आजमाया है। उन्हें त्रिशूर से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के सुरेन्द्रन को मंजेश्वर और कोन्नी विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। ज्ञात हो कि मेट्रो मैन के नाम से मशहूर श्रीधरन ने पिछले दिनों भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इससे पहले उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी।

सिंह ने बताया कि 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में भाजपा 115 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि शेष 25 सीटों पर उसके सहयोगी उम्मीदवार उतारेंगे। दक्षिण के इस राज्य में भाजपा ने भारत धर्म जन सेना (बीजेडीएस) और जनाथीपथ्य राष्ट्रीय सभा (जेआरएस) के साथ गठबंधन किया है। राज्य में उसका मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और माकपा के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से है। केरल में तमिलनाडु और पुडुचेरी के साथ एक चरण में छह अप्रैल को मतदान होगा। केरल में फिलहाल वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार है। दक्षिण के इस राज्य में भाजपा खुद को स्थापित करने के लिए लंबे समय से जोर आजमाइश कर रही है।

पिछले विधानसभा चुनाव में माकपा को 58 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी भाकपा को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को 22 सीटें और आईयूएमएल को 18 सीटों पर विजय मिली थी। भाजपा को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा था।