गुवाहाटी। असम और मेघालय (Assam-Meghalaya) के एक संयुक्त मंत्रिस्तरीय दल ने दोनों पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सीमा मुद्दों (Border issue) को हल करने के लिए चल रही कवायद के तहत मंगलवार को असम के कामरूप जिले में कई विवादित क्षेत्रों (Disputed areas) का दौरा किया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस दल में दोनों ओर के विधायक, शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल थे। बयान के अनुसार इस दल ने ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की तथा विवादों पर उनके विचार लिये।

असम पक्ष का नेतृत्व जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका (Water Resources Minister Piyush Hazarika) ने किया, जबकि उप मुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग (Deputy Chief Minister Preston Tynsong) ने मेघालय के प्रतिनिधियों का नेतृत्व किया।

दल ने जिमीरगांव, बाखलपारा, लुंगखुंग, पटगांव और बंधपारा सहित अन्य क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधानों के साथ बात की। उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्रों के निवासियों के विचारों को उन रिपोर्टों में उचित महत्व दिया जाएगा जो हजारिका और तिनसोंग अपने-अपने मुख्यमंत्रियों के समक्ष रखेंगे।

सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करने वाला प्रतिनिधिमंडल अगस्त में दोनों राज्यों में से प्रत्येक द्वारा गठित तीन समितियों का हिस्सा है। इन समितियों का गठन तब किया गया था जब दोनों मुख्यमंत्रियों ने चरणबद्ध तरीके से जटिल सीमा विवादों को हल करने का फैसला किया था।

विवादों के कुल 12 बिंदुओं में से, पहले चरण में छह क्षेत्रों को लिया गया है जबकि बाकी क्षेत्रों को बाद में आगे बढ़ाया जाना है।

तीनों समितियां 30 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट अपनी राज्य सरकारों को सौंप देंगी। विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद, दोनों राज्यों द्वारा एक संयुक्त अंतिम बयान 30 दिसंबर तक आने की उम्मीद है।