शिलांग। मेघालय में कोविड -19 के बढ़ते मामलों के बीच टीकाकरण विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार द्वारा कथित अनिवार्य टीकाकरण अभियान के खिलाफ राजधानी शिलांग में एक रैली निकाली।

एनजीओ अवेकन इंडिया मूवमेंट (AIM) द्वारा आयोजित, टीकाकरण विरोधी प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनिवार्य टीकाकरण का कड़ा विरोध करते हुए मोटफ्रान से खिंडैलाद तक एक मार्च निकाला।

विरोध मार्च का नेतृत्व एआईएम के अध्यक्ष बंशाई मारबानियांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग अपनी पसंद से वैक्सीन लेने के अपने मौलिक अधिकारों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा अनिवार्य टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं।

इसके साथ ही प्रदर्शनकारी फेस मास्क (face mask) अनिवार्य रूप से पहनने और उनके सैंपल के परीक्षण के खिलाफ हैं। मारबानियांग ने मीडिया से कहा कि अधिकारी हर 10 दिनों में अपने नमूनों का परीक्षण करने के लिए गैर-टीकाकरण वाले लोगों को मजबूर और परेशान कर रहे हैं। एआईएम राज्य के अन्य हिस्सों में इस मामले पर विरोध मार्च निकालेगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (national health mission), मेघालय की रिपोर्ट (Meghalaya Report) के अनुसार, राज्य ने शनिवार को 406 नए कोरोना के मामले आए हैं। जो कि यह सबसे अधिक एक दिवसीय मामला है। इसके साथ ही राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 2,002 हो गई। वहीं, संक्रमण के कारण एक मरीज की मौत भी हो गई। राज्य में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,496 हो गई है।

उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग (Deputy Chief Minister Preston Tynsong) ने मीडिया को बताया कि राज्य सरकार नए कोविड -19 मामलों के अचानक बढ़ने के बाद राज्य में तालाबंदी करने पर विचार नहीं कर रही है। तिनसोंग ने कहा कि राज्य सरकार कोविड के मामलों में अचानक वृद्धि से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करेगी।