केंद्रीय डोनर मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने संसद में कहा कि मेघालय ने नॉन-लैप्सेबल सेंट्रल पूल ऑफ रिसोर्सेज-स्टेट (एनएलसीपीआर-स्टेट) (NLCPR-STATE) योजना के तहत स्वीकृत 107 परियोजनाओं में से 69 (69 Projects) को पूरा कर लिया गया है। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि राज्य के लिए 1533.96 करोड़ रुपए की लागत से 107 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 709.34 करोड़ रुपये की 69 परियोजनाएं अब तक पूरी हो चुकी हैं जबकि 38 अभी भी चल रही हैं।

मंत्री (G Kishan Reddy) ने आगे कहा कि इस योजना के तहत पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कुल 16233.78 करोड़ रुपये की 1635 परियोजनाएं (Projects for Meghalaya) स्वीकृत की गईं, जिनमें से 9726.59 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के साथ 1219 परियोजनाएं 31 जनवरी, 2022 तक पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष 416 परियोजनाएं चल रही हैं। इससे पहले, परियोजनाओं को एनएलसीपीआर-राज्य योजना के तहत राज्य-वार स्वीकृत किया गया था, जब तक कि इसे 2017-18 में उत्तर पूर्व विशेष बुनियादी ढांचा विकास योजना से बदल नहीं दिया गया।

आपको बता दें कि अब मेघालय में बिजली संकट भी जल्द ही दूर होने वाला है। कुछ दिनों पहले आरईसी लिमिटेड (REC Limited) ने कहा कि मेघालय और असम (Meghalaya and Assam) ने बिजली वितरण कंपनियों के पुनरुद्धार के लिए लाई गई पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। आरईसी के एक बयान में कहा था कि मेघालय और असम की राज्य सरकारें इनके परिचालन और वित्तीय सुधारों के साथ-साथ पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (नोडल एजेंसी - आरईसी) के तहत इसे पूरा करने के लिए अंतर्निहित कार्यों की योजना बनाने में सबसे आगे हैं। उनकी राज्य स्तरीय वितरण सुधार समिति (डीआरसी) और राज्य मंत्रिमंडल ने योजना के तहत कार्य योजना और डीपीआर सहित प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।