कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन में सभी व्यापार ठप पड़े हुए हैं। जिसके चलते केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन से 50 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की थी। जिससे की अर्थव्यवस्था को मदद मिल सकें। इसी तरह से मेघालय सरकार ने भी वेतन कटौती का ऐलान किया है। जिस पर विधानसभा के अध्यक्ष, मेटाब लिंगदोह ने कहा कि वे कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक, चार्ल्स पाइनग्रोपे द्वारा विधायकों के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती पर दिए गए सुझाव की जांच करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार की मदद करने के लिए वेतन कटौती सुझाव की जांच कर सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने पहले अप्रैल के महीने से फोन किया था कि अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक एक साल की अवधि के लिए सभी विधायकों के वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती होगी।
लिंगदोह ने कहा कि हमने संकट के इस समय में सरकार की मदद करने के लिए यह फैसला किया है। मौजूदा वर्ष के दौरान विभिन्न सदन समितियों की यात्रा योजनाओं में कटौती कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि सभी विधायकों के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती होने पर यह एक समस्या होगी।