मेघालय में बीते चार महीने में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण कम से कम 61 गर्भवती महिलाओं और 877 नवजात शिशुओं की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य तंत्र के कोरोना महामारी से निपटने में जुटे होने से चिकित्सा देखभाल में आई कमी के कारण अप्रैल से जन्म के समय 877 नवजातों और प्रसव के समय 877 गर्भवती महिलाओं की जान चली गई।

अप्रैल, 2020 से जुलाई तक हुई ये मौतें कोरोना के कारण नहीं, बल्कि अन्य बीमारियों के कारण हुई हैं। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि नवजातों की चिकित्सा संबंधी देखभाल की कमी, निमोनिया और जन्म के समय सांस नली में रुकावट की समस्या के कारण शिशुओं की मौत हुई।

उन्होंने कहा, यह चिंता का विषय है कि इस वर्ष शिशु और मातृ मृत्यु दर में तेजी से वृद्धि हुई है क्योंकि राज्य के पूरे स्वास्थ्य तंत्र को महामारी से निपटने में लगाया गया था। अधिकारी ने कहा कि अधिकतर गर्भवती महिलाओं की मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि महामारी उन्हें प्रसव के लिए अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती नहीं कराया गया।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से कहा है कि वे गर्भवती महिलाओं सहित रोगियों को भर्ती करने से मना न करें, भले ही वे कोविड-19 के नियंत्रण क्षेत्र से आते हों। स्वास्थ्य सेवा निदेशक ने कहा कि इस अवधि के दौरान कुल 10 व्यक्तियों की मौत कोरोना के कारण हुई। साथ ही अधिकतर लोगों की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुई है।