गुस्साए कुकी आदिवासियों ने शनिवार को मणिपुर में असम राइफल्स की एक चौकी में आग लगा दी और दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने कहा कि मणिपुर के कांगपोकपी जिले के ट्विलांग इलाके में गुस्साई भीड़ द्वारा असम राइफल्स की 44वीं बटालियन की गेलनेल चौकी पर धावा बोलने के बाद तनाव व्याप्त हो गया। भीड़ द्वारा एक जिप्सी और एक टाटा पिकअप वाहन को जला दिया गया और मणिपुर में आदिवासियों ने व्यक्ति की मौत पर असम राइफल्स की चौकी फूंकी।

भीड़ ने आरोप लगाया कि साठे, अमर नाम के एक राइफलमैन और सिविल ड्रेस में दो अन्य लोगों के साथ शुक्रवार की रात करीब नौ बजे मंगबोलाल लोउवम नामक एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के लिए जिम्मेदार थे। कुकी इंपी नेताओं ने कहा कि गेलनेल (बांग्लाबंग) के ग्रामीण इस बात से आश्वस्त हैं कि एक ट्रक हेल्पर लाउवुम को साठे और उसके साथियों द्वारा चालवा गांव में बिना किसी उकसावे के मार दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय पुलिस ने कहा कि वे मेजर और उसके आदमियों को गिरफ्तार नहीं कर सकते, क्योंकि वे सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम के तहत आते हैं, तो ग्रामीण क्रोधित हो गए।

कांगपोकपी जिले के कुकी इंपी के महासचिव थांगमिनलेन किपगेन ने कहा कि असम राइफल्स ने तर्क दिया था कि वह उचित जांच के बाद ही कार्रवाई कर सकती है। किपगेन ने आईएएनएस को बताया, लेकिन ग्रामीण तत्काल कार्रवाई चाहते हैं क्योंकि वे आश्वस्त हैं कि चार बच्चों के गरीब पिता की सुनियोजित हत्या के लिए साठे जिम्मेदार हैं। असम राइफल्स के अधिकारी आरोपों की आंतरिक जांच से पहले टिप्पणी करने को तैयार नहीं थे। लेकिन किपजेन ने बताया कि ग्रामीणों ने लोउवम को यह कहते हुए सुना कि मेजर आलोक ने मुझे गोली मार दी। गोली लगने के चार घंटे बाद स्थानीय अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

तीखी नोकझोंक के बाद, अतिरिक्त एसपी (संचालन) और चलवा थाने के प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में कांगपोकपी पुलिस ने साठे को अपनी हिरासत में ले लिया और उसे कांगपोकपी पुलिस थाने ले आई। कांगपोकपी पुलिस ने शनिवार सुबह लाउवुम के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स के मुर्दाघर में रखवा दिया था। इस बीच, थडौ स्टूडेंट्स एसोसिएशन, कांगपोकपी स्थानीय निकायों सहित विभिन्न कुकी नागरिक निकायों ने निंदा की, और कई अन्य लोगों ने आरोप लगाया वह एक भीषण हत्या थी।