मणिपुर के तामेंगलोंग में जिला मुख्यालय के पास से दिनदहाड़े अगवा किए गए एक प्रभावशाली आदिवासी नेता का गोलियों से छलनी शव गुरुवार को मिला, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

तामेंगलोंग जिले में आदिवासी आधारित स्थानीय परिषद जेलियांग्रोंग बाउडी के पूर्व अध्यक्ष और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के नेता अथुआन अबोनमाई का बुधवार को बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया गया था।

उनका अपहरण तब हुआ, जब मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, अपने मंत्री सहयोगियों के साथ, राज्य के गो टू हिल्स अभियान के एक हिस्से के रूप में कुछ परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए असम और नगालैंड की सीमा से लगे तामेंगलोंग जिले का दौरा किया।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अबोनमाई का कथित तौर पर अपहरण तब किया गया, जब वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पल्लोंग गांव के पास एक चरमपंथी संगठन के 20 सशस्त्र कैडरों ने अबोनमई का अपहरण कर लिया।

पुलिस अभी तक इस घटना के पीछे के मकसद का पता नहीं लगा पाई है और कोई उग्रवादी समूह आदिवासी नेता के अपहरण और हत्या की जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।

मणिपुर राइफल्स के चार जवानों सहित आठ कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस के आला अधिकारी जिले में पहुंच गए हैं।

कई संगठनों ने घटना की निंदा की और हत्या के पीछे के मकसद पर अपराधियों से स्पष्टीकरण की मांग की।