असम के सिलचर रेलवे स्टेशन से एक यात्री ट्रेन (राजधानी एक्सप्रेस) मणिपुर के वैंगाइचुनपाओ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को ट्रायल रन के लिए पहुंची। इसके साथ ही राज्य को भारतीय रेलवे के नक्शे पर जगह मिल गई। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन ने दो पूर्वोत्तर स्टेशनों के बीच 11 किमी की दूरी तय की, जिसमें रेलवे अधिकारी सवार थे। ईस्ट मोजो ने बताया कि ट्रेन मणिपुर के जिरीबाम रेलवे स्टेशन पर थोड़ी देर रुकी, जहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने से पहले स्थानीय नागरिकों द्वारा रेलवे अधिकारियों का स्वागत किया गया।

सिलचर से जिरीभाम स्टेशन पहुंचने वाले भारतीय रेलवे के अधिकारियों में नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर (एनएफ) रेलवे के वरिष्ठ पीआरओ नृपेन भट्टाचार्य और सीडीओ सिलचर, अब्दुल हकीम सहित अन्य शामिल थे। मीडिया को संबोधित करते हुए, भट्टाचार्य ने कहा कि ब्रॉड-गेज ट्रेन सेवा को सिलचर से वैंगाइचुनपाओ रेलवे स्टेशन तक बढ़ा दिया गया था। वैंगाइचुनपाओ से सिलचर तक यात्री ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू हो जाएगी।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को ट्विटर पर इस पल को 'ऐतिहासिक' करार दिया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "तामेंगलोंग में सिलचर से वैंगाइचुनपाओ तक एक यात्री ट्रेन का पहला ट्रायल रन शुक्रवार को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।" उन्होंने कहा कि मणिपुर के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत आभारी हैं।

उभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास राज्य मंत्री (MoS) डॉ जितेंद्र सिंह ने भी ट्विटर पर अपने पोस्ट में लिखा कि यह क्षण "ऐतिहासिक" था। ईस्ट मोजो ने बताया वैंगाइचुनपाओ-इम्फाल (मणिपुर की राजधानी) रेलवे लाइन भी निर्माणाधीन है। एक बार पूरा होने के बाद, यह इम्फाल के पास सबसे लंबी रेलवे सुरंग होगी।