प्रतिबंधित मणिपुरी अलगाववादी समूह पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक के तीन शीर्ष नेताओं की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है, जिसमें इसके कार्यकारी अध्यक्ष खुमुजाम रतन भी शामिल हैं। मणिपुर के मोस्ट वांटेड विद्रोही 58 वर्षीय रतन के पुलिस रिकॉर्ड में तीन और उपनाम थे साथी, हेरा और अवांगबा मैतेई।

मारे गए दो अन्य विद्रोही नेता मायेंगबाम जॉयचंद (3 उपनाम जॉय लुवांग, चंबा और माइकल) थे, जो संगठन के सचिव थे और ‘जनरल स्टाफ ऑफिसर 1’ आर.के. रामानंद (उर्फ बसन, रोजर और बिजॉय गोबिंदा)। एक पीआरईपीएके प्रेस नोट में कहा गया है कि तीन कैडरों के असामयिक निधन से संगठन को एक अपूरणीय क्षति हुई है, लेकिन इसने सटीक जगह और दुर्घटना के कारणों का खुलासा नहीं किया।

पीआरईपीएके के बयान में कहा गया है कि रतन मार्च 1982 में संगठन में शामिल हुआ था और नवंबर 2014 में इसके कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। वह मणिपुर के तीन समूह विद्रोही मंच, कोरकॉम के कोषाध्यक्ष थे। पीआरईपीएके के अनुसार, मायांगबाम और रामानंद क्रमश 1994 और 1996 में संगठन में शामिल हुए। मायेंगबाम कोरकॉम की गृह समिति के स्थायी सदस्य थे। संगठन ने कहा कि माइकल और आरके रोजर ने क्रमश जून 2011 और नवंबर 2014 में पार्टी के संगठन सचिव और जीएसओ 1 का कार्यभार संभाला। इसके बयान में कहा गया है कि अहीबा अंगोम को सर्वसम्मति से 5 सदस्यीय अंतरिम परिषद (आईसी) का अध्यक्ष और वित्त सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही अंतरिम परिषद नई केंद्रीय समिति के गठन तक पार्टी के कामकाज की निगरानी करेगी।