मणिपुर के कार्यकर्ता एरेन्ड्रो लिचोमबम को हिरासत में रखने के मामले में मुआवजा दिए जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एरेन्ड्रो को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा यह बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि किसी की स्वतंत्रता 13 मई से छिनी गई थी और अब मुआवजे का मांग की गई है। पीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए दो हफ्ते बाद सुनवाई के निर्णय लिया है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि तीन महीने पहले यह मामला सामने आया था। आरोप हटा लिया गया है। राज्य सरकार ने उसकी रिहाई का भी विरोध नहीं किया है, ऐसे में अब मामले को विराम दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि कोविड-19 से भाजपा प्रमुख प्रो टिकेंद्र सिंह की मृत्यु पर एरेन्ड्रो ने फेसबुक पोस्ट किया था कि गोमूत्र, गाय का गोबर कोरोना का इलाज नहीं कर सकते, जिसके बाद एरेन्ड्रो को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।