ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन के नेतृत्व में छह छात्र संगठनों ने राज्य में एनआरसी को लागू करने और मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग के गठन की मांग को लेकर सोमवार को इमोहाल में विरोध प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में असामान्य रूप से बढ़ती आबादी , अफीम की बड़े पैमाने पर खेती, और आरक्षित वन क्षेत्रों का अतिक्रमण हुआ है।

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विरोध के दौरान, पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया जब आंदोलनकारी छात्रों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के आधिकारिक आवास पर धावा बोलने की कोशिश की और राजभवन तक मार्च किया।

छात्रों के अनुसार, म्यांमार, नेपाल और बांग्लादेश के लोगों सहित देश के अंदर और बाहर के बाहरी लोगों की आमद ने मणिपुर की पहचान, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, प्रशासन और पर्यावरण को काफी प्रभावित किया। छात्र संगठनों ने मणिपुर से अवैध अप्रवासियों का पता लगाने और उन्हें निर्वासित करने की भी मांग की।

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छात्र निकायों के एक प्रवक्ता ने कहा, हम किसी समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हम अपनी भूमि, पर्यावरण और स्वदेशी समुदायों को अवैध बस्तियों के प्रतिकूल प्रभावों से बचाना चाहते हैं।

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मणिपुर विधानसभा द्वारा पिछले साल मणिपुर में जनसंख्या आयोग की स्थापना के लिए एक निजी सदस्य प्रस्ताव को अपनाने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने मणिपुर राज्य जनसंख्या आयोग की स्थापना को मंजूरी दी थी।

हालांकि, आयोग के कामकाज के लिए जरूरी आधिकारिक प्रक्रिया अभी शुरू होनी बाकी है।