इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मंगलवार को धनामंजुरी विश्वविद्यालय से संबंधित डी.एम. कॉलेज ऑफ कॉमर्स पर 'स्टार्ट अप इनक्यूबेशन सेंटर' का उद्घाटन किया। सिंह ने कहा कि देश में वर्ष 2016 और राज्य में साल 2017 में स्टार्ट-अप इंडिया को लॉन्च किया गया था। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभावान और मेहनती हैं लेकिन अनुशासन, व्यावसायिकता और नैतिकता की कमी विकास तथा शासन में बाधा उत्पन्न करती है। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार प्रदाता बनाने के लिए उचित मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों के नियमित कुलपति की नियुक्ति कर शिक्षण संस्थानों को व्यवस्थित और संगठित करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं तथा इनमें व्यवस्थित रूप से काम किया जाएगा ताकि समाज में कामकाज मिल एवं प्रगति हो सके। 

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सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से किए जा रहे विकास कार्य में जनता का सहयोग जरूरी है। उन्होंने आम जनता से राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की। शिक्षा, कानून और विधायी मामलों के मंत्री थौनाओजम बसंत सिंह ने कहा कि युवाओं को सही तरीके से निर्देशित करने की जरूरत है ताकि वे अपनी ऊर्जा को एक सही दिशा दे सकें। 

उन्होंने कहा कि 'स्टार्ट अप इनक्यूबेशन सेंटर' बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगा और उनके नए विचारों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। डी.एम. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. राजमोहन सिंह ने कहा कि स्टार्टअप योजना के एक अभिन्न अंग के रूप में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं ताकि आवश्यक बुनियादी ढांचा, परामर्श, वित्तीय सहायता प्राप्त करने में सहायता और स्टार्ट अप के नवाचारों का पोषण और समर्थन किया जा सके। 

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कौशल विकास, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी इनक्यूबेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। डीएम विश्वविद्यालय में पहले चरण में इनक्यूबेशन केंद्र 35 चयनित प्रतिभागियों के लिए तीन महीने का इनक्यूबेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की जाएगी।