दक्षिणी अंगामी पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (एसएपीओ) के अनिश्चितकालीन बंद के चलते मणिपुर राज्य के कई पंपों पर पेट्रोल खत्म हो चुका है। बंद के चलते राज्य में पेट्रोल के टैंकर नहीं आ पा रहे हैं। बता दें कि बंद को 9 दिन हो चुके हैं। राज्य में हमेशा की तरह पंप खुले रहे, लेकिन अधिकांश पंपों पर पेट्रोल खत्म हो चुका है। यहां केवल डीजल मिल रहा है। वहीं जिन पंपों में अभी भी पेट्रोल है, वहां गाड़ियों की लंबी लंबी कतारें लगी हुई हैं। ईंधन स्टेशनों के कुछ कर्मचारियों के अनुसार, बाहर से तेल टैंकर नहीं आने के कारण पेट्रोल का स्टॉक खत्म हो गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि डीजल अभी भी उपलब्ध था। 

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बता दें कि बीते 7 दिनों से अभी तक तेल के टैंकर राज्य में नहीं पहुंचे हैं। हालांकि मणिपुर सरकार ने पहले ही NH-37 के इम्फाल-जिरीबाम खंड के माध्यम से असम से पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद की व्यवस्था कर ली थी। सूत्रों ने कहा कि तेल टैंकर और बुलेट टैंकर (थोक एलपीजी वाहक) सुरक्षा बलों के साथ खटखटी (असम) से निकल गए थे और रास्ते में थे। उनके अगले एक या दो दिनों में इंफाल पहुंचने की संभावना है। कुछ दिन पहले सैकड़ों खाली तेल टैंकर भी एनएच-37 पर इंफाल से असम के लिए रवाना हुए थे। 

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वहीं नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (NESO) ने मंगलवार को केंद्र से नागालैंड-मणिपुर सीमा पर मौजूदा स्थिति में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि दक्षिणी अंगामी पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के एनएच -2 बंद ने मणिपुर की जीवन रेखा को काट दिया है।ऐसे में मणिपुर के आसपास के इलाकों में स्थिति बिगड़ रही थी। एनईएसओ ने भारत सरकार से स्थिति को और बिगड़ने से पहले नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने और मुद्दे को हल करने के लिए पहल करने की बात कही है।