मणिपुर में दो छात्र संगठनों के सदस्यों की ओर से बृहस्पतिवार बुलायी गयी आम हड़ताल के दौरान किये गये सड़क जाम के दौरान कुछ वाहनों को जाम से ​निकलवाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने गुलेल एवं पत्थरों से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

द आल मणिपुर मुस्लिम छात्र संगठन(एएमएमएसओ) तथा पंगल छात्र संघ (पीएसयू) ने अपनी मांग के समर्थन में 48 घंटे के आम हड़ताल का आह्वान किया था। इन संगठनों की मांग प्रदेश के धनमानजुरी विश्वविद्यालय नामांकन में मुस्लिम छात्रों को चार प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर गये तथा चट्टान, ईंट एवं बांस का इस्तेमाल कर सड़क के एक हिस्से को जाम कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचोबीच टायर जलाया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिसकर्मियों ने उनसे सड़क जाम को खोलने तथा शांतिपूर्वक आंदोलन करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने कुछ वाहनों को मौके से निकलवाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि उनलोगों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिये मौके पर अतिरिक्त बलों को भेजा गया तथा भीड़ को तितर बितर करने के लिये पुलिस को कुछ आंसुगैस के गोले छोड़ने पड़े।

पुलिस अधिकारी ने बताया, ''प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर गुलेल से हमला किया लेकिन इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।'' मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक बातचीत की अपील की है तथा कोरोना वायरस महामारी के दौरान बुलायी गयी हड़ताल को ''अनुचित'' करार दिया है। एक कार्यक्रम के इतर बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिये आमंत्रित किया है। इस बीच एएमएमएसओ के कार्यकारी सदस्य मनोज खान ने बताया कि जबतक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे।