मणिपुर में चुनाव (Manipur Election) लड़ने की तैयारी कर रहे प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रदेश में चुनाव पूर्व हिंसा को लेकर चिंता जताई है और निर्वाचन आयोग (Election Commission) से आग्रह किया कि वह चुनाव के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करे. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों मौजूदगी वाली डिजिटल बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने प्रदेश में टीकाकरण की धीमी गति को लेकर मुख्य सचिव को अपनी चिंता से अवगत कराया और कहा कि टीकाकरण तेज गति से किया जाए.

आयोग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस डिजिटल बैठक के दौरान प्रमख राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए धन बल, अवैध शराब, मादक पदार्थ के उपयोग और डराने-धमकाने को लेकर चिंता प्रकट की. निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘राजनीतिक दलों ने आग्रह किया कि उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले खर्च पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके.’’

पार्टियों ने कोविड के कड़े प्रोटोकॉल लागू किए जाने को लेकर अपनी चिंता जताई. आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उसने उनके सुझावों, मुद्दों और चिंताओं का संज्ञान लिया है और वह स्वतंत्र, निष्पक्ष, प्रलोभन से मुक्त और कोविड के लिहाज से सुरक्षित चुनाव कराने को प्रतिबद्ध है.

आयोग ने कहा कि धनबल और बाहुबल के उपयोग को लेकर बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति होगी. कांग्रेस, भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, भाकपा, माकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नगा पीपुल्स फ्रंट, नेशनल पीपुल्स पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों ने इस डिजिटल बैठक में भाग लिया. आयोग ने इस बात का भी उल्लेख किया कि इस बार राज्य में पहली बार 80 साल से अधिक उम्र के लोगों, दिव्यांगों और कोविड संक्रमित लोगों के लिए मतपत्र की सुविधा होगी. मतपत्र की सुविधा वैकल्पिक होगी और इससे मतदान में पूरी गोपनीयता रखी जाएगी.