इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 102 पर पाल्ले से मोरेह वाले हिस्से पर जीपीएस तकनीक आधारित राजमार्ग पर गश्त करने वाले पांच वाहनों को हरी झंडी दिखायी। सिंह ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और संपूर्ण पुलिस बल की जनता को खासतौर से राजमार्ग पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए सराहना की। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य पुलिस बल ने पहले ही राजमार्ग के कांगपोकपी और सेनापति खंड पर सुरक्षा के लिए छह जीपीएस तकनीक वाले राजमार्ग गश्ती वाहनों को हरी झंडी दिखायी है। 

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उन्होंने कहा कि इसके बाद इसी तरह के गश्ती वाहनों को इंफाल-जिरिबम राजमार्ग पर तैनात किया जाएगा। राजमार्ग गश्ती वाहन प्रभावकारी सिद्ध हो रहे हैं और ये कांगपोकपी-सेनापति राजमार्ग खंड के साथ ड्राइवर और ट्रक चालकों तथा अन्य संकटपूर्ण घड़ी में नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे बदमाशों की जांच करने में सक्षम हैं। सिंह ने कहा कि इन गश्ती वाहनों के साथ पुलिस राजमार्ग पर फंसे किसी भी कार तथा ट्रक चालक की सहायता कर सकती है। 

कांगपोकपी-सेनापति राजमार्ग खंड पर मदद के लिए 9612700785 और टेंग्नौपाल-मोरेह खंड पर 8794427656 पर संपर्क किया जा सकता है। पुलिस महानिदेशक पी. डौंगेल ने इस मौके पर कहा कि माओ-इम्फाल राजमार्ग पर जीपीएस तकनीक वाले राजमार्ग गश्ती वाहनों की तैनाती के बाद अपराध दर को कम किया गया है और यह समर्पित गश्ती वाहन अब राजमार्ग पर दिन के 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन किसी भी संकट के लिए आई सूचना पर कार्रवाई कर सकते हैं। 

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उन्होंने कहा कि सरकार इसी तरह की सुविधा पालेल से मोरेह राजमार्ग पर प्रदान करना चाहती है जो राज्य का एक महत्वपूर्ण भाग है। पुलिस न केवल भूमिगत और अन्य असामाजिक तत्वों से राजमार्ग को सुरक्षित करना चाहती है बल्कि परेशानी में फंसे हुए लोगों की भी मदद करना चाहती है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह गश्ती वाहन अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और मार्ग पर अन्य सुरक्षा अभियानों के खिलाफ औचक जांच में सहायता प्रदान करेंगे।