प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) वैक्सीनेशन की कम गति (slow speed vaccination) वाले जिलों के जिलाधिकारियों से कहा कि अपने जिलों में एक-एक गांव, एक-एक कस्बे के लिए अगर अलग-अलग रणनीति बनानी हो तो वो भी बनाइए. उन्होंने कहा, “आप क्षेत्र के हिसाब से 20-25 लोगों की टीम बनाकर भी ऐसा कर सकते हैं. जो टीमें आपने बनाई हों, उनमें एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो, इसका भी प्रयास कर सकते हैं.” 

झारखंड, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और मेघालय (Jharkhand, Manipur, Nagaland, Arunachal Pradesh, Maharashtra and Meghalaya) सहित अन्य राज्यों के 40 से ज्यादा जिले ऐसे हैं, जहां 50 फीसदी से कम पहली डोज लगी है और दूसरी डोज की रफ्तार भी धीमी है. इस समीक्षा बैठक के दौरान इन राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे.

अब तक देश में 78 प्रतिशत आबादी (73.63 करोड़ लोग) को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगा दी गई है, जबकि 35 फीसदी (33.66 करोड़) को दूसरी डोज दी गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन की अब तक करीब 114 करोड़ से अधिक डोज उपलब्ध कराई जा चुकी है. वहीं राज्यों के पास अब भी 14.68 करोड़ से अधिक डोज उपलब्ध हैं, जिनका अभी इस्तेमाल नहीं किया गया है.