PM Modi आज Manipur की यात्रा पर हैं जहां वो पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर बरसे। पीएम ने कहा कि पहले की सरकारें डोन्ट लुक ईस्ट पॉलिसी पर काम करती थी, लेकिन अभी कि केंद्र सरकार एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का मणिपुर मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने स्वागत किया। इसी के साथ ही पीएम ने मणिपुर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इंफाल में 4,800 करोड़ रुपये की 22 परियोजनाओं की शुरुआत की है।




मणिपुर में पीएम मोदी 1,850 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं का उद्घाटन किया और 2,950 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाओं की नींव रखी है। ये परियोजनाएं सड़क बुनियादी ढांचा, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आवासीय, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और कला एवं संस्कृति समेत विविध क्षेत्रों से संबंधित हैं।

कनेक्टिविटी में सुधार लाने के लिए देशभर में चल रही परियोजनाओं की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1,700 करोड़ रुपये अधिक की लागत से बनने वाले पांच राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजना की नींव रखी। एक अन्य अहम परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर बराक नदी पर 75 करोड़ रुपये की लागत से बना इस्पात का एक पुल है जिससे इंफाल से सिलचर तक संपर्क बढ़ेगा और मोदी ने इसका उद्घाटन किया।




प्रधानमंत्री मणिपुर के लोगों को करीब 1,100 करोड़ रुपये की लागत से बने 2,387 मोबाइल टावर भी समर्पित किया जिससे मोबाइल संपर्क में सुधार होगा। इनमें थोबल बहुउद्देशीय परियोजना की 280 करोड़ रुपये की जल संचरण प्रणाली शामिल है।

एक अन्य परियोजना से तामेंगलोंग जिले के 10 इलाकों के निवासियों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा और इसकी लागत 65 करोड़ रुपये है। मोदी 51 करोड़ रुपये की लागत से सेनापति जिला मुख्यालय जल आपूर्ति योजना का उद्घाटन भी किया। प्रधानमंत्री इंफाल में 160 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक कैंसर अस्पताल की भी नींव रखी वह कियामगेइ में 200 बिस्तरों वाले कोविड अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे।भारतीय शहरों के पुनरुद्धार के प्रयासों के तौर पर मोदी इंफाल स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई परियोजनाएं शुरू की। पीएमओ के मुताबिक मोदी ने आविष्कार, नवोन्मेष, ऊष्मायन और प्रशिक्षण केंद्र (सीआईआईआईटी) की नींव भी रखी। यह परियोजना राज्य में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की सबसे बड़ी पहल है और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को इससे काफी बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।