27 साल की मणिपुर की बिजियाशांति टोंगब्रम जिसने अपने इस कलाकारी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह सहित कई लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। बिजयशांति अब अपनी पेनस्टेकिंग प्रोसेस से कई और प्रोडक्ट तैयार करने की योजना बना रही है। बोटेनी ग्रेजुएट बिजयशांति थंगा टोंगब्रम गांव के जोयकुमार तंगराम और सनाहल तोंगब्रम की बेटी है। बिजयशांति टोंगब्रम के पिता मणिपुर के मत्स्य विभाग में क्षेत्र सहायक हैं। 

2014 में जीपी महिला कॉलेज इम्फाल से ग्रेजुएट होने के बाद, बिजियाशांति की प्रारंभिक योजना अपने जगह में कृषि-पर्यटन स्थापित करने की थी। बिजयशांति बताती है कि वह हमेशा कमल के औषधीय मूल्य से प्रभावित होती है। बता दें कि उन्होंने कमल की खेती शुरू करने के लिए दुनिया भर से कमल की विभिन्न किस्मों को इकट्ठा करने के विचार की कल्पना की। हालांकि, संसाधनों की कमी के कारण, उनकी योजना नाकाम रह गई। उसके बावजूद उन्होंने कमल के औषधीय गुणों के साथ अपना प्रयोग जारी रखा। बिजियाशांति ने कहा, "मैं हमेशा लोकतक झील में उगने वाले विभिन्न पौधों के औषधीय मूल्यों का पता लगाना चाहती थी, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है।"

साल 2018 में एक पारिवारिक मित्र की सलाह से बिजयशांति का जीवन बदल गया। बिजियाशांति ने कहा कि उसके पिता के एक दोस्त ने बताया कि म्यांमार के अंतर्देशीय किसान किस तरह से बुनाई के लिए कमल के तने से धागा निकालते हैं। उन्होंने कहा, ''मैं इस विचार से प्रभावित हुई और इसको लेकर मैनें अपना रिसर्च करना शुरू किया। मई 2019 में, उसने अपने इलाके की महिलाओं की मदद से कमल के तने और बुनाई वाले नेकलेस, मफलर आदि से सूत कातना शुरू किया। बिजियाशांति ने कहा कि उन्हें शुरुआत में मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिलीं। वहीं 27 सितंबर को, पीएम मोदी ने अपने 'मन की बात' संबोधन के दौरान उनका उल्लेख किया। प्रधान मंत्री ने कहा, "उनके प्रयासों और नवाचारों ने कमल की खेती और कपड़ा के क्षेत्र में नए रास्ते खोले हैं।" 

मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने भी ट्वीट किया, “माननीय पीएम @narendramodi जी ने मणिपुर से सुश्री बिजय शांति के अभिनव प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने कमल के तने से धागा विकसित करने के लिए एक स्टार्ट-अप लॉन्च किया है, और कहा कि उनके प्रयासों और नवाचारों ने कमल की खेती और कपड़ा के क्षेत्र में नए रास्ते खोले हैं।” बिजियाशांति ने कहा, उसे अपने उत्पादों को खरीदने के इच्छुक लोगों से राज्य के बाहर से भी फोन आए।