मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने गुरुवार को कहा कि राज्य में कोविड-19 वैक्सीन को लेकर लोगों में व्याप्त संकोच की वजह से हेल्थ वर्कर्स के इतर 45 साल से ज्यादा उम्र के 14 लाख लोगों में से करीब 3200 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है। मुख्यमंत्री ने 11 अप्रैल से शुरू हो रहे चार दिवसीय अभियान के दौरान 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों और अब तक वैक्सीनेशन नहीं करवाने वाले हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के कर्मियों से वैक्सीन लगवाने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक के बाद उन्होंने कहा कि कुछ वजहों से लोग वैक्सीन लगवाने से हिचकिचा रहे हैं और 60 साल से ज्यादा उम्र के 6 लाख लोगों में से करीब 2,000 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है। बीरेन ने कहा कि 45 साल से 60 साल की उम्र के आठ लाख लोगों में से अब तक सिर्फ 1100-1200 लोगों ने वैक्सीन की डोज ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन प्रोग्राम के दौरान सभी सरकारी और प्राइवेट हेल्थ सेंटर्स पर कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मणिपुर में 46,729 हेल्थ वर्कर्स में से 31,813 वर्कर्स वैक्सीन लगवा चुके हैं और फ्रंटलाइन के 80,163 कर्मचारियों में से 55,688 को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए फिर से युद्ध स्तर पर काम करना जरूरी है। उन्होंने राज्यों से प्रतिबंधित क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान देने और जांच में तेजी लाने को कहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में कहा कि लोग कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाह हो गए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि कई राज्य सरकारें भी इस दिशा में सुस्ती से काम कर रही हैं। मोदी ने कहा कि पिछले साल कोरोना की जो रफ्तार थी उसे हम इस बार पार कर चुके हैं। इस बार मामलों की वृद्धि दर पहले से भी ज्यादा तेज है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य पहली लहर की ‘पीक’ को भी पार कर चुके हैं। कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं। हम सबके लिए ये गंभीर चिंता का विषय है।