मणिपुर सरकार ने टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए सिल्वर मेडल जीतनेवाली महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को तोहफा दिया है। मणिपुर सरकार ने मीरबाई चानू को एएसपी (स्पोर्टस) पद पर नियुक्ति का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें एक करोड़ रुपये का इनाम भी दिया जाएगा। मणिपुर मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से यह जानकारी दी गई है। मीराबाई चानू आज टोक्यो से स्वदेश वापस लौटी हैं। मीरबाई चानू देश की पहली महिला वेटलिफ्टर हैं जिसने ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता है। इससे पहले साल 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

देश लौटने पर मीडिया से बात करते हुए चानू ने कहा-'मेरे लिए ये बहुत ही चुनौतीपूर्ण था, मेरा और सर(कोच) का ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना था। रियो ओलंपिक में मेरा मेडल चूक गया था, उस के बाद हमने पूरी मेहनत की। रियो ओलंपिक से मैंने बहुत कुछ सीखा।'

मीराबाई चानू सोमवार को स्वदेश लौटी तो हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। चानू सुरक्षाकर्मियों के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकली, जहां उनके चेहरे पर मास्क और फेस शील्ड लगा था। उन्होंने यहां पहुंचने के बाद ट्वीट किया, ‘‘ इतने प्यार और समर्थन के बीच यहां वापस आकर खुशी हो रही है। बहुत - बहुत धन्यवाद।’’ इस 26 वर्षीय खिलाड़ी का ‘भारत माता की जय’ के नारों से स्वागत किया गया और भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने उनका अभिनंदन किया।

मणिपुर की इस खिलाड़ी ने 49 किग्रा वर्ग में कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) भार उठाकर शनिवार को रजत पदक हासिल किया था। इससे पहले भारोत्तोलन में 2000 सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी के कांस्य पदक जीता था। इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने 2016 के खेलों की निराशा को दूर किया जहां वह एक भी वैध भार उठाने में विफल रही थी। चानू पूर्व विश्व चैंपियन और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भी रह चुकी हैं। वह इन खेलों से पहले अमेरिका में अभ्यास कर रही थी और अपने आत्मविश्वास से भरे प्रदर्शन के साथ पदक की उम्मीदों पर खरी उतरी।