कांग्रेस नेता एवं मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह (Okram Ibobi Singh) ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के ‘डबल इंजन सरकार’ से लोगों को फायदा पहुंचाने के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि वह राजनीतिक भावना से उपर उठकर सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करे। सिंह ने  कहा कि विधायकों में भी यह दृढ़ विश्वास है कि मणिपुर जैसे छोटे राज्यों में केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार बने तो यह फायदेमंद होगा जबकि यह गलत धारणा है। लोगों को यह समझना चाहिए कि सभी राज्य सरकारों के साथ समान व्यवहार करना केंद्र का कर्तव्य है , चाहे कोई भी राजनीतिक दल सत्ता में हो। 

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मणिपुर में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे सिंह ने मौजूदा एन बीरेन सिंह (N biren Singh) सरकार के प्रदर्शन और छोटे राज्यों विशेषकर पूर्वाेत्तर की मदद करने में मोदी सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान, नयी दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) द्वारा प्रदान की गई विशेष योजना सहायता (एसपीए) के तहत बड़ी परियोजनाएं शुरू की गईं। कांग्रेस के कार्यकाल में शुरू की गई बड़ी परियोजनाओं में मिनी स्टेडियम, अस्पताल, बाजार, सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर और जिला सचिवालय शामिल थे। सिंह ने कहा, कांग्रेस ने एक नया विधानसभा परिसर, एक उच्च न्यायालय परिसर, तीन मुख्य महिला बाजार, अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन केंद्र बनाए और इंफाल हवाई अड्डे को एक अंतरराष्ट्रीय में बदल दिया। हमने सात नए जिले भी बनाए हैं। इसके विपरीत, बीरेन सिंह (N biren Singh) सरकार पिछले पांच वर्षों में बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने में असमर्थ रही है। उन्होंने कुछ करोड़ रुपये से केवल कुछ महिला बाजारों का निर्माण कराया। 

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उन्होंने मौजूदा स्थिति के लिए केंद्र की मोदी सरकार (PM Modi) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मणिपुर में भाजपा सरकार के पास मेगा परियोजनाओं को लेने का कोई साधन नहीं था क्योंकि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले शासन के तहत राज्य में धन का प्रवाह कम हो गया है। यह पूछे जाने पर कि अगर कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन होगा, उन्होंने जवाब दिया, कांग्रेस के नए विधायक केंद्रीय नेताओं के परामर्श से कांग्रेस विधायक दल के नये नेता का चयन करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वाम दलों और जद (एस) के साथ गठबंधन किया है और चुनाव परिणाम आने के बाद वह समान विचारधारा वाले दलों के लिए दरवाजे भी खुला रखेगी। सिंह फिर से थौबल  (Thoubal Assembly seat) से चुनाव मैदान में हैं और उन्हें वहां से लगातार चौथी जीत दर्ज करने की उम्मीद है।