भारतीय निर्वाचन आयोग (election Commission of India) ने शनिवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly elections) के कार्यक्रम का एलान कर दिया। ये पांच राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर (Manipur) और गोवा हैं। चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी होने पर मतदाता शिकायत कर सकें, इसके लिए आयोग ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सीविजिल (cVIGIL) एप लॉन्च किया था। इस एप का इस्तेमाल इन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी किया जाएगा।

आयोग का दावा है कि इस एप के माध्यम से आने वाली हर शिकायत पर 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी का सबूत देने के लिए मतदाता फोटो और वीडियो भेज सकते हैं। यानी इस एप के जरिए मतदाता भी चुनाव में निगरानी कर सकते हैं। एप के माध्यम से मतदाता फोटो और वीडियो के साथ जहां गड़बड़ी हो रही हो उस स्थान की लोकेशन भी भेज सकते हैं और लिख कर पूरी जानकारी उपलब्ध करवा सकते हैं। 

यह एप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड यूजर इसे गूगल प्ले स्टोर से और एपल यूजर एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इंस्टॉल करने पर कैमरा, लोकेशन और ऑडियो और फाइल्स एक्सेस करने की अनुमति मांगी जाती है। इसके बाद भाषा चुनने का विकल्प मिलता है जहां आप हिंदी या अंग्रेजी भाषा का चयन कर सकते हैं। इसके बाद आपको फोन नंबर लिखना होगा, जिस पर एक ओटीपी आएगा।

ओटीपी दर्ज करने के बाद आपको अपने नाम, पता, राज्य, जिला, विधानसभा क्षेत्र और पिन कोड की जानकारी देनी होगी। ये जानकारियां देने के बाद आपको वेरिफाई पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एप का होम पेज खुल जाएगा, जहां आपको फोटो, वीडियो और ऑडियो के विकल्प मिलेंगे। आप जिस भी माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं, वह विकल्प चुन कर आप आयोग को गड़बड़ी की जानकारी पहुंचा सकते हैं।

इसके बाद अगर आपको कहीं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता हुआ दिखता है तो आप इसके माध्यम से उसकी शिकायत कर सकेंगे। एप में प्रत्याशी की जानकारी भी हासिल की जा सकती है। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से निर्वाचन आयोग सभी चुनावों में इस एप का उपयोग करता आया है। प्ले स्टोर से इस एप को 10 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। आयोग निष्पक्ष चुनाव के लिए इस एप को प्रोत्साहित कर रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने चुनाव के दौरान गड़बड़ियों को रोकने के लिए मतदाताओं से अपील की है कि वह इस एप का उपयोग करें और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि वोट पाने के लिए पैसे बांटने या उपहार देने की घटनाओं की जानकारी इस एप के माध्यम से मतदाता हम तक पहुंचा सकते हैं। शिकायत मिलने के 100 मिनट के अंदर निर्वाचन आयोग के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच जाएंगे।