नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण (corona virus infection) की दो लहरों को झेलने के बाद भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था के आगे अब ओमीक्रॉन वैरिएंट का एक नया खतरा खड़ा हो गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में ओमीक्रॉन के अब तक 101 मामलों (Omicron case in india) की पुष्टि हो चुकी है. 2 दिसंबर को कर्नाटक में ओमीक्रॉन का पहला मामला सामने आया था. शुक्रवार को भारत में एक दिन में सबसे ज्यादा ओमीक्रॉन वैरिएंट के मामले दर्ज हुए हैं.

गौरतलब है कि जिन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें से सिर्फ पंजाब के चंडीगढ़ में ओमीक्रॉन का एक मामला दर्ज किया गया है.

इसके अलावा किसी अन्य चुनावी राज्य से ओमीक्रॉन के मामलों की सूचना नहीं मिली है. 2022 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इसके लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है.

शुक्रवार को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की रैली हुई थी. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि अमित शाह की रैली में काफी संख्या में लोग मौजूद हैं. वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी यूपी में लगातार चुनावी रैलियां कर रहे हैं. उनकी रैलियों में भी भारी भीड़ देखी जा सकती है.

जिन राज्यों में चुनाव होते हैं वहां राजनीतिक पार्टियों की बड़ी-बड़ी रैलियां और रोड शो होते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़ बढ़ने से वायरस के फैलने की संभावना बढ़ जाती है.

ऐसे में अगर चुनावी राज्यों में कोविड के ओमीक्रॉन संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो इससे राजनीतिक पार्टियों की रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लग सकता है. कोविड को देखते हुए चुनाव आयोग पहले हुए चुनावों में ऐसा फैसला ले चुका है.