इंफाल। कांग्रेस (Congress) ने मंगलवार को मणिपुर के चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों में नौ विधानसभा क्षेत्रों की मतदान प्रक्रिया को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों के चुनाव के दौरान उग्रवादियों द्वारा धांधली की गई थी। इस दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भारतीय जनता पार्टी पर कुकी उग्रवादियों का उपयोग करने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि वह खुले तौर पर सामने आए और इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया में हेराफेरी की। 

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मणिपुर के कांग्रेस पर्यवेक्षक और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, 'चुनाव में लोकतंत्र, स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और संविधान की हत्या की गई है। राज्य में नौ विधानसभा क्षेत्रों में प्रक्रिया में धांधलेबाजी की गई थी।' कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री एन बीरेन ङ्क्षसह के निर्वाचन क्षेत्र हिंगांग में ग्यारह मतदान केंद्रों में उनके मतदान एजेंटों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों को भी परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। 

उन्होंने आरोप लगाया कि कुकी राष्ट्रीय संगठन द्वारा मतदाताओं को भाजपा को वोट देने की धमकी देने की साजिश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री द्वारा तैयार की गई थी। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने अपने उम्मीदवार को वोट नहीं देने वाले लोगों को धमकी देने के लिए प्रतिबंधित संगठन बनाया है।' उन्होंने कहा कि भाजपा जानती थी कि वह चुनाव में खराब प्रदर्शन करेगी, इसलिए उसने यह साजिश रची। इस संबंध में मणिपुर कांग्रेस के उपाध्यक्ष देवव्रत ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले चरण के चुनाव के बारे में चुनाव आयोग से शिकायत की है। 

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उन्होंने कहा कि सैकुल विधानसभा क्षेत्र के नौ मतदान केंद्रों और सैतु के कुछ मतदान केंद्रों पर प्रॉक्सी वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग की खबरें सामने आई हैं। देवव्रत ने कहा कि सशस्त्र उग्रवादी लोगों को मतदान करने से रोक रहे हैं और उन्होंने व्यवस्थित तरीके से कुछ उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। हेंगलेप निर्वाचन क्षेत्र में भी कांग्रेस और उसके गठबंधन ने बूथ कैप्चरिंग की शिकायत दर्ज कराई। जहां तक हिंगांग का सवाल है, तो इस मामले की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाई जानी चाहिए क्योंकि यह घटना मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में हुई थी।