ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन (AMSU) ने 4 दिसंबर को नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों द्वारा 15 नागरिकों की हत्या (Mon district) के विरोध में इंफाल में एक रैली निकाली। रैली, जिसमें छात्रों की भारी भीड़ देखी गई, की निगरानी में आयोजित की गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने पूर्वोत्तर से सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम (AFSPA) को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'मणिपुर से AFSPA हटाओ', 'निर्दोष नागरिकों की हत्या बंद करो', 'AFSPA 1958 के खिलाफ हम खड़े हैं', 'शांति को एक मौका दो' जैसे नारे लगे थे।
AMSU महासचिव विक्रमजीत थोंगम (Vikramjit Thongam) ने कहा कि पूर्वोत्तर से AFSPA को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिनियम के संरक्षण के तहत सुरक्षा बलों ने अत्याचार किए हैं और कई निर्दोष नागरिकों ने सुरक्षा बलों के हाथों अपनी जान गंवाई है।
उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में यह कानून (AFSPA) बना रहा तो इस तरह की भयावह घटनाएं होती रहेंगी। यह दोहराते हुए कि नागालैंड के मोन जिले में जो हुआ था, उसी तरह की घटनाएं मणिपुर में हुई हैं, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने CBI को AFSPA से संबंधित मामलों की जांच करने का आदेश दिया था।