मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्रा (CEC Sushil Chandra) ने कहा कि देश में पहली बार मणिपुर में पांच विधानसभा क्षेत्रों (manipur assembly elections) के कुल 487 मतदान केंद्रों का प्रबंधन विशेष रूप से महिला अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। यह किसी भी राज्य में पहली बार है कि पूरे विधानसभा क्षेत्रों का प्रबंधन पूरी तरह से महिला चुनाव अधिकारी करेंगे।

सीईसी सुशील चंद्रा (Sushil Chandra) के नेतृत्व में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर विधानसभा के आगामी 12वें आम चुनाव  (manipur assembly elections) के लिए चुनावी तैयारियों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए सोमवार को राज्य के दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचा था। जिन निर्वाचन क्षेत्रों का प्रबंधन विशेष रूप से महिला मतदान अधिकारियों द्वारा किया जाएगा, वे हैं सिंगजामेई, थौबल, यास्कुल, वांगखेई और चुराचांदपुर। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 27 फरवरी और 3 मार्च को मतदान होगा। मतगणना 10 मार्च को होगी।

सीईसी सुशील चंद्रा (CEC Sushil Chandra) ने कहा कि मणिपुर में 115 मॉडल मतदान केंद्र होंगे और संबंधित अधिकारियों को सभी मतदान केंद्रों पर पानी, बिजली, शौचालय और रैंप सहित अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मणिपुर में कुल 2968 मतदान केंद्र हैं। चंद्रा ने कहा कि कोरोना (Corona) के चलते प्रति मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1250 कर दी है। इसके चलते 174 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुल 2968 मतदान केंद्रों (80 प्रतिशत से अधिक) में से 2400 में वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी, जबकि शेष को ऑफलाइन वीडियोग्राफी से कवर किया जाएगा।