भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार को एक अधिसूचना के माध्यम से कहा कि विद्रोही समूहों के कैडर जिन्होंने भारत सरकार (GOI) के साथ संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, और मणिपुर के विभिन्न नामित शिविरों में रखे गए हैं, वे अपना वोट डाक मतपत्र के माध्यम से डालने के हकदार हैं।

मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (ECO) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 के खंड (सी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और केंद्र सरकार के परामर्श से निर्णय लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर में दो विद्रोही समूह यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) ने सरकार के साथ त्रिपक्षीय सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। वहीं, 2008 में भारत सरकार (GOI)पर हस्ताक्षर किया था। इसके अलावा, इन उग्रवादी समूहों ने केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। इस बार 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच मतदान होना है। गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक ही चरण में चुनाव होने हैं। मणिपुर में दो चरण में वोटिंग होगी। वहीं उत्तर प्रदेश में सात चरण में विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग होगी। जबकि एक साथ पांचों राज्यों में वोटों गिनती 10 मार्च को होगी और नतीजों का ऐलान किया जाएगा।