इंफाल। मणिपुर (manipur) में अखबारों और स्थानीय टेलीविजन चैनलों (Newspapers and local television channels) ने 15 करोड़ रुपये के बकाया विज्ञापन बिलों का भुगतान (Advertisement bill payment) न किए जाने को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह (Chief Minister N. Biren Singh) की प्रतिबद्धता की विफलता करार देते हुए इसके विरोध में गुरुवार को बंद रखा।

हड़ताल का आह्वान करने वाले एडिटर्स गिल्ड मणिपुर (EGM) और मणिपुर हिल जर्नलिस्ट्स यूनियन (एमएचजेयू) के नेताओं ने पहले 11 दिसंबर से अपना संघर्ष विराम आंदोलन स्थगित कर दिया था, जब मुख्यमंत्री ने बकाया भुगतान के एक हिस्से को 10 दिसंबर तक मंजूरी देने का आश्वासन दिया था।

गुरुवार को स्थानीय टेलीविजन चैनलों का प्रसारण बंद हो गया। हालांकि शुक्रवार को स्थानीय अखबारों का कोई असर नहीं होगा। ईजीएम और एमएचजेयू के नेताओं ने कहा कि अगर गुरुवार की हड़ताल के बाद राज्य सरकार ने जवाब नहीं दिया तो मीडिया घराने मंत्रियों से जुड़ी खबरों का बहिष्कार करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि विज्ञापन बिलों के बकाया राशि को चुकाने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया जाता है, तो सभी सरकारी समाचारों और सत्ताधारी दलों से संबंधित समाचारों का बहिष्कार किया जाएगा। मणिपुर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक एन. लोकेन ने कहा कि राज्य सरकार ओवरड्राफ्ट के आधार पर चल रही है और यह विधायकों के स्थानीय क्षेत्रों के विकास कोष का भुगतान भी नहीं कर सकती। मणिपुर में लगभग 40 समाचारपत्र और कई स्थानीय केबल टेलीविजन चैनल हैं।