वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया की 19वीं जूनियर वुशु नेशनल चैंपियनशिप रंगारंग कार्यक्रम के साथ संपन्न हुई। समापन कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आई टीमों के खिलाड़ियों ने अपने-अपने प्रादेशिक नृत्य प्रस्तुत करके समा बांधने का काम किया। पांच दिन चली प्रतियोगिता में सांदा के मुकाबलों में में हरियाणा तो ताओलु में मणिपुर चैंपियन बना। इस दौरान वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सीईओ सोहेल अहमद, नेशनल तकनीकी कमेटी के चेयरमैन शंभु सेठ ने विजेता व उपविजेता रही टीमों को ट्रॉफी भेंट की, जबकि जिलाध्यक्ष सुभाष खिचड़ व आयोजन कमेटी प्रमुख कोच दिनेश कुमार ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाए। सांदा मुक्केबाजी के लड़कियों व लड़कों के मुकाबलों में हरियाणा की टीम शानदार प्रदर्शन के बलबूते चैंपियन बनी। कुंगफू ताओलू के दोनों वर्ग मुकाबलों में मणिपुर की टीम ने बाजी मारते हुए चैंपियन ट्राफी पर कब्जा किया। मणिपुर ने सबसे ज्यादा मेडल जीतकर ओवरऑल ट्राफी भी जीती।

सोहेल अहमद ने कहा चैंपियनशिप के विजेता खिलाड़ियों को अब वुशु के इंडिया कैंप में विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तराशा जाएगा ताकि वे इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भी भारत को अधिक से अधिक जीत दिलवा सकें। तकनीकी कमेटी के अध्यक्ष शंभु सेठ ने कहा कि तमिलनाडू से लेकर उन्होंने जम्मू-कश्मीर तक में बड़ी प्रतियोगिताओं को बारीकी से जांचा-परखा है, उनके मुकाबले फतेहाबाद में हुई नेशनल प्रतियोगिता ने हर लिहाज से 21 साबित होने का हरसंभव प्रयास किया। आर्मी से लेकर पुलिस तक में अब वुशु खेल विजेताओं को प्राथमिकता मिलने लगी है। अलग-अलग राज्यों की सरकारें भी वुशु चैंपियन खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देकर उनका मनोबल बढ़ाने का काम कर रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से भी मजबूत होकर ज्यादा मेहनत करते हुए स्वयं के खेल में सुधार करने के लिए पसीना बहाने लगे हैं। जिलाध्यक्ष सुभाष खिचड़ व आयोजन कमेटी प्रमुख दिनेश कुमार ने नेशनल कमेटी सदस्यों व सहयोग करने वाले तमाम समाजसेवी अतिथिगणों, युवाओं का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर इंडिया टीम के कोच राम मेहर, मनोज चौहान, हवा सिंह, अशोक मित्तल, जिदगी संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह, स्थानीय टीम के राकेश कोच, प्रदीप कायत, अमित गोदारा, रविन्द्र जोनी, दीपू डाबला, बल्लू यादव, मोनिका रानी, संदीप जिनागल उपस्थित रहे।

वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया की 19वीं जूनियर वुशु नेशनल चैंपियनशिप के सांदा मुकाबलों में हरियाणा की बेटियों व बेटों ने जमकर अपने पंच का जलवा दिखाया, जिनकी बदौलत दोनों वर्ग में हरियाणा टीम चैंपियन बनी। सांदा लड़कियों के वर्ग में जम्मू-कश्मीर की टीम उपविजेता व उत्तर प्रदेश की टीम तीसरे नंबर पर रही। लड़कों वर्ग में मणिपुर की टीम उपविजेता बनी तो वहीं, उत्तर प्रदेश को तीसरे नंबर की ट्राफी से संतोष करना पड़ा। कुंगफु ताओलू के कन्या वर्ग में मणिपुर टीम विजेता व मध्य प्रदेश की टीम उपविजेता रही। मेजबान हरियाणा टीम तीसरे स्थान पर रही। ताओलू पुरुष वर्ग में भी मणिपुर विजेता बनी, जबकि आर्मी ब्वॉयज की टीम उपविजेता रही। मध्य प्रदेश की टीम तीसरे पायदान पर रही।

सांदा में आयु वर्ग तो होता ही है। उसमें विभिन्न भार वर्ग के मुकाबले होते है। वुशु सांदा में बॉक्सिंग, रेसलिग, कराटे, किक बाक्सिंग, जूडो, कराटे सहित आठ खेलों का कोम्बो पेक है। हरियाणा के खिलाड़ियों के अनुसार वे इस खेल में शारीरिक रूप से सक्षम हैं। वहीं, ताओलू में भार वर्ग नहीं होता। इसमें खिलाड़ी बिना किसी से लड़े अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इसमें योगा, जिम्नास्टिक, कुंगफू, कराटे, ताइक्वांडो सहित अलग अलग खेलों के 11 इवेंट होते हैं।